12 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ट्रेन की तेज रफ़्तार की परवाह किये बिना प्यार के लिए दो दिन तक बर्फ़ीले ट्रैक पर रहा ये कुत्ता– देखें वीडियो

आजकल जब युवा पीढ़ी प्यार-मोहब्बत जैसी कई रिलेशनशिप को मजाक में निकाल देते हैं, किसी भी संबंध को लेकर संवेदनहीन नजर आते हैं. ऐसे में एक जानवर ने इंसान को प्यार की नाइ परिभाषा से अवगत कराया है कि अपने किसी भी संबंधी या प्यार को मुसीबत में अकेला नहीं छोड़ना चाहिए, चाहे परिस्थितियां कैसी भी हों..

2 min read
Google source verification

image

Rahul Mishra

Dec 29, 2016

Dog too injured to move from a track is saved by h

Dog too injured to move from a track is saved by her companion who protects her from trains for TWO DAYS

कीव: आजकल जब युवा पीढ़ी प्यार-मोहब्बत जैसी कई रिलेशनशिप को मजाक में निकाल देते हैं, किसी भी संबंध को लेकर संवेदनहीन नजर आते हैं
ऐसे में एक जानवर ने इंसान को प्यार की परिभाषा से अवगत कराया है कि अपने किसी भी संबंधी या प्यार को मुसीबत में अकेला नहीं छोड़ना चाहिए, चाहे परिस्थितियां कैसी भी हों! यहाँ एक कुत्ते ने एक बेहतरीन मिसाल पेश की है, कुत्ते ने अपनी घायल दोस्त या यूँ कहें कि उसकी गर्लफ्रेंड को बचाने के लिए अपनी जान तक की परवाह नहीं की और सामने से आ रही ट्रेन को देखने के बावजूद अपने प्यार के साथ रहा।


This is the shocking moment the
The dogs braved the elements for two days as trains raced over their heads
पश्चिमी यूक्रेन में बर्फ से लिपटे रेलवे ट्रैक पर यह कुत्ता अपनी साथी के साथ खड़ा रहा। असल में कुत्ते की साथी लूसी इतनी चोटिल थी कि वह हिल तक नहीं सकती थी। इस वाकये का विडियो डेनिस मैलाफीव नाम के शख्स ने फेसबुक पर पोस्ट किया। तबसे इस पोस्ट को हजारों बार शेयर किया जा चुका है। सोशल मीडिया पर इस कुत्ते को पांडा कहा जा रहा है।

विडियो में एक जगह देखा जा सकता है कि पांडा अपनी दोस्त लूसी के पास लेटा है और वह उसके सिर को नीचे की तरफ खींच रहा है ताकि ट्रेन के पहिए उसे कुचल न दे। इतना ही नहीं इन दोनों को बचाने वाले शख्स ने बताया कि पांडा लगातार भौंकता रहा ताकि कोई लूसी की मदद करे।

The dogs nestled next to each other in a car boot after the rescue
मैलाफीव ने अपनी फेसबुक प्रोफाइल में लिखते हुए कहा है कि, 'मैं एक बात जानता हूं कि शायद हर एक इंसान भी ऐसा कर सकता। हमें इससे सीखते हुए सबक लेना चाहिए। यह सच में दिल को छूने वाली मार्मिक घटना लगती है। मुझे नहीं पता कि यह प्यार है, दोस्ती है या रिश्तों के प्रति कर्तव्यनिष्ठा है? असल में मुझे नहीं पता कि इसे क्या कहा जाए?

Lucy survived the ordeal with only severe bruises
लूसी और पांडा को बाद में मैलाफीव और उनके परिवार ने ही बचाया। इन दोनों को स्थानीय एनिमल केयरिंग सेंटर भेज दिया गया है और लूसी का इलाज भी करवा दिया गया है।

ये भी पढ़ें

image