भारत की तरह अमरीका ने भी चीन को सिखाया सबक, Huawei और ZTE पर लगाया प्रतिबंध

Highlights

  • भारत द्वारा 59 चीनी ऐप पर बैन के बाद अमरीका का चीनी कंपनियों पर एक्शन, Huawei-ZTE को सुरक्षा के लिए खतरनाक बताया
  • अमरीकी सरकार ने इन कंपनियों से करार किया हुआ था, अब अमरीका (America) में इन दोनों कंपनियों के कारोबार पर बैन लग गया है।

वॉशिंगटन। भारत द्वारा 59 चीनी ऐप पर बैन लगाने के बाद अब अमरीका (America) ने भी चीन पर गाज गिराई है। अमरीका ने चीन के हांगकांग (Hongkong) को लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून पारित करने के बाद बड़ी कार्रवाई की है। अमरीकी सरकार ने चीन की दो कंपनियों को अपनी सुरक्षा के लिए खतरा बताया है, जिसमें हुवेई (Huawei) टेक्नोलॉजी और जीटीई (ZTE) कॉर्प शामिल हैं। अब अमरीका में इन दोनों कंपनियों के कारोबार पर बैन लग गया है।

अमरीका के फेडरल कम्युनिकेशन कमिशन ने मंगलवार को 5-0 की वोटिंग के आधार पर इन कंपनियों को देश की सुरक्षा के लिए खतरा बताया। अमरीकी सरकार ने इन कंपनियों से करार किया हुआ था। मगर अब उसने इसपर रोक लगा दी है। उसे 8.3 बिलियन डॉलर का सामान खरीदना था।

गौरतलब है कि भारत में भी Huawei पर संकट बरकरार है, बीते दिनों केंद्रीय मंत्रिमंडल की हुई बैठक में इस मसले पर चर्चा हुई। इसमें 5जी नेटवर्क आवंटन में Huawei दावेदार है, लेकिन अब इसपर रोक लग सकती है।

अमरीका के FCC चेयरमैन अजित पाई ने मंगलवार को अपने एक बयान में कहा कि वे चीनी कंपनी को अपने नेटवर्क साझा नहीं करने दे सकते। इससे हमारे दूरसंचार इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचेगा। हालांकि, अभी तक इस फैसले पर दोनों कंपनियों का कोई बयान आया नहीं है।

बीते साल मई में एक आदेश पारित किया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बीते साल मई में एक आदेश पारित किया था। इसके अनुसार, जो भी कंपनी देश की सुरक्षा के लिए खतरा है उनके साथ किसी तरह का दूरसंचार का कोरोबार नहीं किया जाना चाहिए। अमरीकी प्रशासन का पहले से ही Huawei के साथ विवाद चल रहा है। यहां इसे ब्लैक लिस्ट में डाला गया है।

इससे पहले अमरीका ने चीन पर कार्रवाई करते हुए रक्षा उपकरणों के निर्यात पर रोक लगा दी है। अब अमरीकी मूल के रक्षा उपकरणों और तकनीक का निर्यात नहीं किया जाएगाअमरीका के विदेश मंत्री माइक पोंम्पियों ने मंगलवार को इन प्रतिबंधों का ऐलान किया।

राष्‍ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए लिया फैसला

अमेरिकी व‍िदेश मंत्री ने कहा, 'चीन की कम्‍युनिस्‍ट पार्टी के हांगकांग की स्‍वतंत्रता को खत्‍म करने के फैसले ने ट्रंप प्रशासन को अपनी नीतियों को फिर मूल्‍यांकन करने का मौका दिया है। चीन इस फैसले को लेकर अड़ा हुआ है, इसलिए अमरीका हांगकांग को अमरीकी मूल के रक्षा उपकरणों को रोक रहा है।' उन्‍होंने कहा कि यह फैसला अमरीका ने अपनी सुरक्षा को लेकर किया है।

Mohit Saxena
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