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आखिर क्या होगी उत्तर कोरिया गए अमरीकी दल की रणनीति

वार्ता के दौरान भी अमरीका उत्तर कोरिया पर कई और शर्ते लगा सकता है।दल का मुख्य काम वहां की परिस्थिति के अनुरूप वार्ता का प्लेटफॉर्म तैयार करना है।

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आखिर क्या होगी उत्तर कोरिया गए अमरीकी दल की रणनीति

वाशिंगटन। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरियाई शासक किम जोंग के बीच 12 जून को होने वाली वार्ता के लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं। ट्रंप ने सोमवार को इसकी जानकारी ट्वीट के जरिए दी। उन्होंने कहा कि किम के साथ उनकी संभावित वार्ता के पहले तैयारियों के लिए अमरीकी दल उत्तर कोरिया पहुंच गया है। वार्ता के लिए ट्रंप की इच्छा जाहिर करते ही यह दल उत्तर कोरिया में वरिष्ठ अधिकारियों से मिलकर बातचीत का एजेंडा तैयार करेगा। दल का मुख्य काम वहां की परिस्थिति के अनुरूप वार्ता का प्लेटफॉर्म तैयार करना है। गौरतलब है कि अमरीका ने वार्ता से पहले उत्तर कोरिया पर परमाणु निरस्त्रीकरण का दबाव डाला था। इसके बाद से ही उत्तर कोरिया में परमाणु कार्यक्रम से संबंधित कई प्लांट बंद कर दिए गए। अब वार्ता के दौरान भी अमरीका उत्तर कोरिया पर कई और शर्ते लगा सकता है।

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आर्थिक स्थिति बेहद खराब

जानकारों की माने तों उत्तर कोरिया की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है। अमरीका ने पहले ही इस देश पर कड़े प्रतिबंध लगा रखें हैं। इसके कारण पिछले कई सालों से इस देश में विकास रफ्तार की थम सी गई है। उत्तर कोरिया को इस संकट से उबरने के लिए खास कदम उठाने होंगे। इसके लिए उसे अमरीका जैसे ताकतवर देश की आवश्यकता है। उत्तर कोरिया जानता है कि अमरीका की वजह से आज उसका पड़ोसी देश दक्षिण कोरिया उससे कई कदम आगे है। उत्तर का तानाशाह चाहता है कि उसके देश में भी इस तरह की तरक्की हो।

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पूर्व अमरीकी राजदूत करेंगे नेतृत्व

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक दक्षिण कोरिया में पूर्व अमेरिकी राजदूत सुंग किम को तैयारियों का नेतृत्व करने के लिए बुलाया गया है। वह अभी फिलीपीन में दूत हैं। ट्रंप और किम के बीच 12 जून को सिंगापुर में शिखर वार्ता होनी है। इसे लेकर दोनों देशों के बीच पिछले हफ्ते काफी बयानबाजी हुई। एक समय ऐसा भी आया जब यह शिखर वार्ता रद होने वाली थी, मगर एन मौके पर अमरीकी राष्ट्रपति ने इस बातचीत के लिए हामी भी भर दी।