जिस तरह अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडेन से पहली बातचीत को इमरान तरस रहे हैं उसी तरह अब तैयब एर्दोगान को भी बाइडेन ने ठेंगा दिखा दिया है।
नई दिल्ली। तुर्की के राष्ट्रपति तैयब एर्दोगान को पाक के साथ दोस्ती का खामियाजा उठाना पड़ रहा है। बीते दिनों उन्होंने पाक के प्रधानमंत्री इमरान खान की तरह तालिबान का समर्थन किया। इसके साथ कश्मीर मुद्दे को भी बार-बार उठाया।
जिस तरह अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडेन से पहली बातचीत को इमरान तरस रहे हैं उसी तरह अब तैयब एर्दोगान को भी बाइडेन ने ठेंगा दिखा दिया है। इससे तुर्की के राष्ट्रपति तगड़ा झटका लगा है। वह ना सिर्फ बाइडेन की बुराई करने लगे हैं, बल्कि रूस और तालिबान से दोस्ती बढ़ाने की बात और जोरशोर से कर रहे हैं।
दरअसल में 23 सितंबर को तैयब संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में हिस्सा लेने के लिए अमरीका गए थे। इस दौरान वह अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडेन से भी मुलाकात करना चाहते थे। लेकिन बाइडेन ने उन्हें समय नहीं दिया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इससे तैयाब बेहद निराश और नाराज हुए। उन्होंने तुर्की पत्रकारों के सामने अपना दर्द बयां किया और कहा कि अमरीका के पूर्व राष्ट्रपतियों के साथ वह ठीक से काम कर पाए, लेकिन बाइडेन के साथ अब तक ऐसा नहीं हुआ है।
अगले ही दिन 24 सितंबर को इस्तांबुल में भी तैयब ने बाइडेन की काफी आलोचना की। उन्होंने कहा कि वह और बाइडेन अपने मतभेदों को दूर नहीं कर पाए हैं। तुर्की के राष्ट्रपति ने यहां कह डाला कि अमरीका आतंकी संगठनों से लड़ने की बजाय उनकी मदद कर रहा है।
इसके साथ उन्होंने ऐलान किया कि तुर्की रूस से s-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम की खरीद करेगा। ऐसा अमरीका नहीं चाहेगा। इसके बाद अमरीका ने तुर्की को प्रतिबंधों की चेतावनी भी दी है। तैयब ने बुधवार को रूसी राष्ट्रपति से मुलाकात भी की है।