
एक से दस जून तक रोजमर्रा की इन चीजों की होने वाली है भारी किल्लत, पहले से कर लें इंतजाम
मुरादाबाद: सरकार के तमाम दावों के बावजूद सूबे की चीनी मिलें गन्ना किसानों का बकाया नहीं चुका रहीं। जिस कारण अब किसानों ने असहयोग आन्दोलन का मन बनाया है। जिसमें वे विरोध स्वरुप में पहले चरण में एक से दस जून तक शहरों में सब्जी और दूध की सप्लाई रोकेंगे। यही नहीं शहरों से कोई सामान भी नहीं खरींदेगे और अगर उसके बाद भी सरकार नहीं मानी तो सड़कों पर उतरकर आन्दोलन होगा। किसानों के इस ऐलान के बाद प्रशासन के हाथ पैर फूल गए हैं। दरअसल पिराई सत्र समाप्त होने के बाद भी अकेले मुरादाबाद मंडल में चीनी मिलों पर गन्ना किसानों का बीस अरब रूपया बकाया है। कई बार चेतावनी के बाद भी मिल प्रबन्धन ने किसानों को पैसा नहीं दिया है।
चीनी मिलों पर है बकाया
दरअसल किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर सोमवार को भारतीय किसान यूनियन की एक बैठक सिविल लाइन स्थित पीडब्लूडी गेस्ट हाउस में आयोजित की गयी। जिसमें मुरादाबाद मंडल के साथ ही अलीगढ,बरेली,मेरठ,कानपूर और अन्य इलाकों के किसान नेतन मौजूद रहे। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरपाल सिंह ने कहा कि सरकार किसानों को लेकर बिलकुल भी चिंतित नहीं है। अकेले मुरादाबाद मंडल में किसानों का बीस अरब से ज्यादा का बकाया है। चूंकि पेराई सत्र समाप्त हो चुका है। सरकार और अधिकारी सिर्फ कार्यवाही का दिखावा करते हैं। अगर कार्यवाही करते तो किसानों का बकाया नही होता। इसलिए अब सिवाय असहयोग आन्दोलन के कुछ नहीं हासिल होगा। इसलिए किसान अब दूध और सब्जी की सप्लाई शहरों में ठप करेगा। जरुरत पड़ी तो सड़कों पर उतरकर आन्दोलन होगा।
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पाकिस्तान की चीनी फूंकेगे
इसके अलावा किसान नेताओं ने कहा की इस बार किसानों ने गन्ने की रिकॉर्ड पैदावार की है। जिससे चीनी की कहीं कोई कमी नहीं है। बावजूद इसके पाकिस्तान से बड़े पैमाने पर चीनी खरीदी जा रही है। इससे भी किसानों को नुकसान हो रहा है। मीटिंग में ऐलान किया गया कि अगर सरकार ने हमारी मांगे जल्द पूरी नहीं की तों पकिस्तान की चीनी वाले गोदामों में आग लगा दी जाएगी।
सरकार और अधिकारी नहीं हैं गंभीर
यहां बता दें कि योगी सरकार ने गन्ना किसानों को भुगतान के लिए खरीद के पन्द्रह दिन के अंदर करने के निर्देश दिए हैं। लेकिन चीनी मिल प्रबन्धन को मिली राजनीतिक शरण से ऐसा नहीं हो पाता। अधिकारी लगातार कागजी कार्यवाही का दावा करते हैं। लेकिन भुगतान फिर भी किसानों को नहीं मिल पा रहा। फ़िलहाल एक से दस जून तक किसानों के दूध और सब्जी की सप्लाई ठप करने के ऐलान ने प्रशासन के कान जरुर खड़े कर दिए हैं।
Published on:
22 May 2018, 10:07 AM IST
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