
मुरादाबाद में वायरल बुखार, खांसी और एलर्जी के मामलों में तेजी..
Viral fever patients rise Moradabad: मुरादाबाद जिले में मार्च के दूसरे सप्ताह में मौसम का मिजाज लगातार बदलता नजर आ रहा है। दिन के समय तेज धूप के कारण लोगों को गर्मी का एहसास हो रहा है, जबकि सुबह और शाम के समय हल्की ठंडक बनी हुई है। तापमान में इस तरह के अचानक बदलाव का सीधा असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है।
बदलते मौसम की वजह से शहर के जिला अस्पताल के साथ-साथ निजी अस्पतालों और क्लीनिकों में सर्दी-जुकाम, बुखार, खांसी और गले के संक्रमण से पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती दिखाई दे रही है। डॉक्टरों का कहना है कि मौसम के इस बदलाव के दौरान लोग अक्सर लापरवाही कर देते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा और अधिक बढ़ जाता है।
जिला अस्पताल की ओपीडी में इन दिनों मरीजों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में अधिक देखी जा रही है। रोजाना 60 से अधिक नए मरीज सर्दी-जुकाम, बुखार और गले से जुड़ी समस्याओं के इलाज के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार ओपीडी में आने वाले मरीजों में वायरल बुखार, खांसी, गले में खराश और एलर्जी के मामले सबसे ज्यादा सामने आ रहे हैं।
बच्चों और बुजुर्गों के साथ-साथ युवाओं में भी इन संक्रमणों के मामले तेजी से बढ़े हैं। निजी अस्पतालों और छोटे क्लीनिकों में भी इसी तरह के मरीजों की भीड़ लगी हुई है, जिससे चिकित्सकों पर भी अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है।
जनरल फिजिशियन डॉ. आशीष कुमार सिंह के अनुसार दिन में तेज धूप और सुबह-शाम की ठंडी हवा शरीर के लिए अचानक बदलाव पैदा करती है। ऐसे में शरीर को बार-बार अपने तापमान को संतुलित करना पड़ता है, जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता कुछ समय के लिए कमजोर हो सकती है।
इसी दौरान वायरस और बैक्टीरिया अधिक सक्रिय हो जाते हैं और शरीर पर जल्दी असर डालते हैं। यही वजह है कि इस तरह के मौसम में वायरल बुखार, सर्दी-जुकाम, खांसी और गले के संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ जाते हैं।
डॉक्टरों के मुताबिक इस मौसम में होने वाले वायरल संक्रमण के कुछ सामान्य लक्षण होते हैं, जिन पर समय रहते ध्यान देना जरूरी है। इनमें बुखार, गले में खराश, लगातार खांसी, नाक बहना, सिरदर्द, बदन दर्द और कमजोरी प्रमुख हैं। कई मामलों में एलर्जी के कारण बार-बार छींक आना और आंखों में जलन की शिकायत भी सामने आती है।
छोटे बच्चों में भूख कम लगना, सुस्ती और चिड़चिड़ापन जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं। यदि इन लक्षणों को नजरअंदाज किया जाए तो संक्रमण और गंभीर हो सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बदलते मौसम में थोड़ी सी सावधानी अपनाकर कई बीमारियों से बचा जा सकता है। सुबह और शाम के समय हल्के गर्म कपड़े पहनना जरूरी है ताकि शरीर को ठंडी हवा से बचाया जा सके। इसके अलावा ठंडी चीजों और बासी भोजन से परहेज करना, पर्याप्त मात्रा में पानी पीना और संतुलित व पौष्टिक आहार लेना भी बेहद जरूरी है।
भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचना, नियमित रूप से हाथ साफ रखना और साफ-सफाई का ध्यान रखना संक्रमण से बचाव में मदद करता है। डॉक्टरों की सलाह है कि यदि बुखार, खांसी या गले में खराश जैसी समस्या दो से तीन दिन से अधिक समय तक बनी रहे तो स्वयं दवा लेने के बजाय तुरंत चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए, ताकि समय रहते सही उपचार मिल सके।
Published on:
13 Mar 2026 08:34 pm
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