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150 बंदरों की मौत के बाद इस जिले में पांच मोरों की मौत से सनसनी

ढबारसी क्षेत्र में ही राष्ट्रिय पक्षी मोर के मरने से सनसनी फ़ैल गयी है। अब तक पांच मोरों की मौत हो गयी है।

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moradabad

अमरोहा: जनपद में अभी 150 से अधिक बंदरों की संदिग्ध का मामला संभला भी नहीं था कि ढबारसी क्षेत्र में ही राष्ट्रिय पक्षी मोर के मरने से सनसनी फ़ैल गयी है। अब तक पांच मोरों की मौत हो गयी है। जिसके बाद स्थानीय वन विभाग को जबाब देते नहीं बन रहा। वहीँ वन अधिकारीयों एन मरे हुए मोरों का पोस्टमार्टम कराने के बाद बिसरा जांच के लिए भारतीय पशु अनुसंधान आगरा भेजा गया है। वहीँ कई मोरों की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है। जिनका इलाज जारी है। क्षेत्र में शिकारियों के सक्रीय होने की भी आशंका जताई जा रही है।

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क्षेत्रीय वनाधिकारी शीतल प्रसाद पंवार ने बताया कि जनपद के ढवारसी व गारवपुर में अलग अलग दिनों में पांच मोरों की मौत हुई हिया। स्थानीय स्तर पर हुए पोस्टमार्टम में मौत की वजह स्पष्ट नहीं हुई,इसलिए पुष्टि के लिए बिसरा आगरा केंद्र भेजा गया है। अभी रिपोर्ट नहीं आई है। यही नहीं क्षेत्र में लगातार मोरों का अचानक बीमार होना और दम तोड़ना हैरत भरा है। प्राथमिक विद्यालय सुतारी गुर्जर में घायल मोर मिलने पर ग्रामीणों ने डायल सौ पुलिस को मामले की सूचना दी थी। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस मोर को पकड़कर इलाज के लिए ढवारसी पशु चिकित्सक के पास ले गए। पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ तेजपाल सिंह ने बताया कि सुतारी गुर्जर में मिले मोर को सिहाली जागीर ले जाकर इलाज कराया जाएगा। जैसे ही वह ठीक होगा उसे छोड़ दिया जाएगा।

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बंदरों के बाद अब मोर कैसे बीमार और मर रहे हैं,इसका जबाब न डाक्टर दे पा रहे हैं और न वन विभाग के अधिकारी। इसके साथ ही इस इलाके में शिकारियों के सक्रीय होने की भी सम्भावना जताई जा रही है। या फिर ऐसी कोई रहस्यमयी बीमारी जिसका शिकार जंगली जीव बन रहे हैं। बंदरों की मौत पर भी स्थानीय प्रशासन ने ढीला रवैया अपनाया था। जिस कारण अभी भी कोई ठोस वजह सामने नहीं आ पाई है।