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महिलाओं के बाल काटने के पीछे ये है सच्चाई, देखिये वीडियो

इन दिनों एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें एक घर के आँगन में बैठी एक महिला के बाल एक साया आकर काट रहा है, जानिये इस वीडियो का सच 

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truth comes out behind hair cutting stories

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जय प्रकाश, मुरादाबाद: देश के उत्तरी इलाके में महिलाओं के बाल काटने की घटनाएँ लगातार हो रही हैं. तमाम एक्सपर्ट इसे अफवाह बता चुके हैं और इसे पीड़ितों की एक बीमारी बता रहे हैं, वहीँ कुछ लोग इस मौके का फायदा उठाकर और डराना चाह रहे हैं. बिलकुल इसी तर्ज पर इन दिनों एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें एक घर के आँगन में बैठी एक महिला के बाल एक साया आकर काट रहा है. ये सब एक सीसीटीवी में कैद होने का दावा भी किया जा रहा है. जिसे सरसरी तौर से देखने पर ही पता चल रहा है कि ये पूरी तरह फर्जी है, लेकिन ये धड़ाधड़ एक मोबाइल से दूसरे मोबाइल में वायरल हो रहा है. अब शायद ही कोई सोशल मीडिया का प्लेटफार्म न हो, जहाँ ये वीडियो न देखा जा रहा हो. लोग कह रहे हैं कि ये देखो महिलाओं के बाल कटवा कैमरे में कैद हो गया.







जब टीम पत्रिका ने इस वीडियो को देखा तो उसे समझते देर न लगी ये कुछ लोगों की कारस्तानी है जो तकनीक के इस्तेमाल से लोगों को डराने के आलावा और कुछ नहीं कर रहे हैं. हम इस वीडियो को लेकर एनीमेशन आर्टिस्ट रचित खन्ना के पास पहुंचे. उन्होंने इसे देखते ही कहा, ये फर्जी है. इसे एडिट किया गया है और आज कई वीडियो एडिटिंग के सॉफ्टवेयर हैं जिनसे इस तरह के इफ़ेक्ट डाले जा सकते हैं. उन्होंने जो बड़ी बातें इस वीडियो में बताई वो ये हैं-
१: जिस जगह वीडियो शूट हुआ है उसमे लड़की शांत पीठ किये हुए बैठी है और घर देखकर ही लग रहा है कि किसी गाँव या कसबे का है. जहाँ साधारण सुविधाएं नहीं मिलतीं, वहीं किसी का अपने घर में सीसीटीवी लगवाना किसी मजाक से कम नहीं. अरे भाई जब लाईट ही नहीं आती तो अभी गांवों के घरों में सीसीटीवी बहुत दूर की बात है.
२:लड़की अचानक देखती है और चारपाई पर लेट जाती है. उसके बाद कुछ महिलायें उसके पास आ रही हैं, यानि एक फ़िल्मी सीन की तरह सबकुछ स्क्रिप्टेड है.
३: जो सीसीटीवी बुलेट नम्बर चल रहे हैं वो भी वीडियो से मैच नहीं कर रहे हैं. दोनों की लाइट अलग अलग है. जबकि एक ही कैमरे से एक ही रौशनी में ऐसा नहीं होता.
४: जिसने भी ये वीडियो बनाया वो जानता था कि इस तरह की घटनाएं पाश इलाके में नहीं हुई, इसलिए उसने जानबूझकर गाँव की पृष्ठभूमि वाला मकान चुना.
फ़िलहाल पत्रिका की पड़ताल में ये वीडियो पूरी तरह फर्जी है. लोगों को डराने की नियत से ही इसे बनाया गया और लोग बिना जानकारी के ही धडाधड शेयर किये जा रहे हैं. इसलिए आप भी किसी भी वीडियो को शेयर करने से पहले पड़ताल कर लें.

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