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पंचायत चुनाव में देरी से मुरादाबाद की 643 पंचायतों में हलचल, दो महीने बाद खत्म होगा प्रधानों का कार्यकाल

UP Panchayat Election: मुरादाबाद की 643 ग्राम पंचायतों में मौजूदा प्रधानों का कार्यकाल मई 2026 में समाप्त होने वाला है, लेकिन अभी तक पंचायत चुनाव की तारीख घोषित नहीं हुई है।
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मुरादाबाद

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Mohd Danish

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Updated: 11 Mar 2026, 9:06 AM IST

up panchayat election 2026 moradabad

मुरादाबाद की 643 ग्राम पंचायतों में चुनाव को लेकर बढ़ी हलचल..

UP Panchayat Election 2026: प्रदेश में पंचायत चुनाव 2026 को लेकर अभी भी स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। मुरादाबाद जिले की 643 ग्राम पंचायतों में मौजूदा ग्राम प्रधानों का कार्यकाल मई 2026 के पहले सप्ताह में समाप्त होने जा रहा है, लेकिन अब तक चुनाव की तारीखों की घोषणा नहीं हुई है। ऐसे में पंचायतों के संचालन को लेकर प्रशासनिक स्तर पर नई संभावनाओं पर विचार शुरू हो गया है।

चुनाव कार्यक्रम पर बनी हुई अनिश्चितता

उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर सरकार की ओर से अभी तक कोई स्पष्ट कार्यक्रम जारी नहीं किया गया है। पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर भले ही समय पर चुनाव कराने का भरोसा जता चुके हैं, लेकिन प्रशासनिक तैयारियों और मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए चुनाव समय पर होने की संभावना कम दिखाई दे रही है। इसी कारण संभावित प्रत्याशियों और ग्रामीणों के बीच भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

दो महीने बाद समाप्त होगा प्रधानों का कार्यकाल

मुरादाबाद जिले में वर्तमान ग्राम प्रधानों का कार्यकाल मई 2026 के पहले सप्ताह में खत्म हो जाएगा। अब इस अवधि में केवल दो महीने का समय शेष बचा है। आमतौर पर चुनाव की तैयारियां कई महीने पहले शुरू हो जाती हैं, लेकिन अभी तक चुनाव कार्यक्रम घोषित नहीं होने से स्थानीय प्रशासन और ग्रामीण प्रतिनिधियों दोनों के सामने सवाल खड़े हो गए हैं।

643 ग्राम पंचायतों में प्रशासनिक व्यवस्था की तैयारी

मुरादाबाद जिले में कुल 643 ग्राम पंचायतें हैं, जहां पंचायत चुनाव होना प्रस्तावित है। इन पंचायतों के माध्यम से ही गांवों में अधिकांश सरकारी योजनाओं का संचालन और विकास कार्यों का क्रियान्वयन होता है। यदि समय पर चुनाव नहीं होते हैं तो पंचायतों के नियमित कार्यों पर असर पड़ सकता है। इसी संभावना को देखते हुए पंचायती राज विभाग वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार कर रहा है।

प्रशासक नियुक्त करने का विकल्प भी चर्चा में

पंचायती राज विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पंचायतों का कामकाज बाधित न हो, इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर विकल्पों पर चर्चा चल रही है। यदि चुनाव कार्यक्रम में देरी होती है तो पंचायतों के संचालन के लिए प्रशासनिक अधिकारियों को अस्थायी रूप से प्रशासक नियुक्त किया जा सकता है। इससे विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में रुकावट नहीं आएगी।

गांवों में बनने लगा चुनावी माहौल

हालांकि चुनाव कार्यक्रम घोषित नहीं हुआ है, लेकिन गांवों में पंचायत चुनाव को लेकर माहौल बनना शुरू हो गया है। संभावित प्रत्याशी गांव-गांव जाकर लोगों से संपर्क कर रहे हैं और अपने समर्थन का आकलन करने में लगे हैं। कई गांवों में छोटी बैठकों का दौर भी शुरू हो गया है, जहां स्थानीय मुद्दों और पंचायत राजनीति पर चर्चा हो रही है।

युवाओं की बढ़ती भागीदारी ने बढ़ाई हलचल

इस बार पंचायत चुनाव को लेकर युवाओं में भी खासा उत्साह दिखाई दे रहा है। कई गांवों में युवा पहली बार पंचायत राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने की तैयारी कर रहे हैं। इंटरनेट मीडिया और स्थानीय स्तर पर होने वाली चर्चाओं के माध्यम से भी चुनावी माहौल लगातार गर्म होता जा रहा है।

गांवों के विकास के लिए महत्वपूर्ण चुनाव

ग्रामीणों का मानना है कि पंचायत चुनाव गांवों के विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। पंचायत के माध्यम से ही सड़क, पानी, सफाई, शिक्षा और रोजगार से जुड़े कई फैसले लिए जाते हैं। इसलिए ग्रामीण चाहते हैं कि चुनाव की तिथि जल्द घोषित हो, ताकि नई पंचायतों का गठन समय पर हो सके और विकास कार्यों को गति मिल सके। फिलहाल मुरादाबाद के ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत चुनाव की घोषणा को लेकर उत्सुकता और इंतजार दोनों का माहौल बना हुआ है।