
मुरैना. 39.60 करोड़ रुपए खर्च कर जिले के 132 हाईस्कूलों की बिल्डिंग मरम्मत व पुताई कराई गई थी लेकिन जितनी राशि खर्च की गई, उतना पैसा खर्च नहीं किया गया। इस मामले को पत्रिका ने उठाया। कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लिया और तीन अधिकारियों की कमेटी गठित की। कमेटी ने जांच उपरांत पाया कि जितनी राशि खर्च की गई है, उतना काम मौके पर नहीं पाया गया। उक्त मामले में फिलहाल तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी ए के पाठक, अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक महेश मावई एवं 85 प्राचार्यों को नोटिस जारी किया गया है।
राष्ट्रीय शिक्षा मिशन के तहत 39.60 करोड़ की राशि से जिले के 132 हाईस्कूलों के भवनों की मरम्मत करवाई गई थी। भवनों की मरम्मत कराने के लिए 30 के करीब फर्मों को काम दिया गया। इनमें से कुछ भाजपा नेताओं की तो कुछ अधिकारियों की फर्म शामिल थीं। इन स्कूलों की मरम्मत का कार्य नवंबर 2022 से मार्च 2023 के बीच कराया गया है।
कलेक्टर ने संयुक्त कलेक्टर शुभम शर्मा, जिला पंचायत के एकाउंटेट एम एम बेग, आरईएस के कार्यपालन यंत्री आर आर सुमन को समिति में रखा गया था। इन अधिकारियों ने जांच कर रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपी गई। कलेक्टर ने फिलहाल 85 स्कूल के प्राचार्यों को नोटिस जारी किया है। अन्य स्कूलों की भी नोटिस जारी किया जा रहा है।
शिक्षा विभाग ने जिन फर्मों से काम कराए उनमें एन के बी कंसट्रेक्शन, पीएस इंटरप्राइजेज, एल एम कंसटे्रक्शन, चैतन्य कंसट्रेक्शन, एम एस अंकित इंटरप्राइजेज, आर्यन कंसट्रेक्शन, आर एम आर, जय बजरंग सहित करीब 30 फर्म शामिल हैं। इनमें से चार फर्म इंदौर की और चार भाजपा नेताओं के परिजन या रिश्तेदारों की हैं। इनमें से सबसे अधिक कार्य एल एम, एम एस अंकित, चैतन्य, एन के बी ने कराए हैं।
कलेक्टर के हस्ताक्षर से जो नोटिस प्राचार्यों को जारी किए गए हैं, हर एक पर एक ही जावक नंबर 7350 और तारीख 13 अगस्त 0225 अंकित की गई है। शासकीय स्कूल पिपरसेवा के प्राचार्य प्रदीप कुमार शर्मा को नोटिस जारी किया है, उसमें उल्लेख किया है कि मरम्मत के उपरांत एजेंसी को 36232 रुपए अधिक भुगतान किया गया है। लालौरकला के प्राचार्य सतीश चंद्र शर्मा को 55267 रुपए, दतहरा प्राचार्य हरेन्द्र सिकरवार को 46 हजार, सुजानगढ़ी के प्राचार्य धीरज पांडे को 166372 रुपए, डिडोखर प्राचार्य धनंतर शर्मा को 5462 रुपए सहित अन्य प्राचार्यों को अलग अलग राशि निर्माण से अधिक जारी करने के नोटिस जारी किए गए हैं। लेकिन नोटिस इस बात का कहीं भी स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है कि कार्य में गड़बड़ी क्या मिली।
39.60 करोड़ में हुई थीं जिले के 132 स्कूल भवनों की मरम्मत।
03 लाख रुपए की राशि आई थी एक स्कूल के लिए।
30 फर्मों ने कराई स्कूल भवनों की मरम्मत।
2022 नवंबर से मार्च 2023 तक पूरा किया काम।
03 अधिकारियों ने की जांच।
85 प्राचार्यों को जारी किया गया नोटिस।
कलेक्टर के निर्देश पर जांच की गई थी। फिलहाल तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी ए के पाठक, एडीपीसी महेश मावई और 85 प्राचार्यों को नोटिस जारी किए गए हैं। अन्य प्राचार्यों को भी नोटिस जारी किए जाएंगे।
Published on:
11 Sept 2025 04:55 pm
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