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पीओके पर कहर बरसाने वाला एयरफोर्स का जहाज क्रैश, देखें वीडियो

मिराज-2000 फ्रांस की कंपनी डसाल्ट एविएशन द्वारा बनाया गया था, इसी कंपनी ने राफेल भी बनाया है, मिराज ऐसा फाइटर प्लान है, जो किसी भी देश के अंदर तक घुसकर मार करने में सक्षम है, यह अंदर तक जाकर बिना पकड़ में आए अपने टारगेट को पूरा करने में सक्षम है.

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पीओके पर कहर बरसाने वाला एयरफोर्स का जहाज क्रैश, देखें वीडियो

पीओके पर कहर बरसाने वाला एयरफोर्स का जहाज क्रैश, देखें वीडियो

मुरैना. मिराज-200 की गिनती उन लड़ाकू विमानों में होती है, जो वायुसेना की रीढ़ माने जाते हैं और ये विमान दुश्मनों के खेमे में अंदर तक घुसकर मारने की क्षमता रखते हैं, यही कारण है कि पीओके पर कहर बरसाने में भी मिराज-2000 का इस्तेमाल किया गया था, खास बात तो यह है कि पीओके पर कहर बरसाने के लिए गए मिराज-2000 ने भी ग्वालियर से ही उड़ान भरी थी, वहीं आज जो हादसा हुआ है, उसमें भी मिराज-2000 ने ग्वालियर से उड़ान भरी और मुरैना में क्रैश हो गया। आईये जानते हैं क्या है मिराज-2000 की खासियत।

फ्रांस की कंपनी ने बनाया है मिराज-2000-जानिये खासियत
आपको बतादें कि मिराज-2000 फ्रांस की कंपनी डसाल्ट एविएशन द्वारा बनाया गया था, इसी कंपनी ने राफेल भी बनाया है, मिराज ऐसा फाइटर प्लान है, जो किसी भी देश के अंदर तक घुसकर मार करने में सक्षम है, यह अंदर तक जाकर बिना पकड़ में आए अपने टारगेट को पूरा करने में सक्षम है, मिराज-2000 चौथी जेनरेशन का मल्टीरोल, सिंगल इंजन वाला लड़ाकू विमान है। जिसने सन 1970 में पहली उड़ान भरी थी और आज कई देशों द्वारा इसका उपयोग किया जा रहा है।

पीओके पर कहर-पोखरण में मनवाया अपनी ताकत का लोहा
मिराज-2000 ने पीओके पर जमकर कहर बरसाया था, उस समय भी मिराज ने मध्यप्रदेश के ग्वालियर से उड़ान भरी थी, मिराज-2000 ने जैश के आंतकी कैंप पर कहर बरसाते हुए उसे नष्ट कर दिया था, उस समय करीब एक दर्जन मिराज विमानों के गु्रप ने बम गिराकर जैश के आंतकी कैंपों को खत्म किया था, वहीं दूसरी और पोखरण में हुए वायुशक्ति 2019 में भी मिराज ने अपनी ताकत का लोहा मनवाया था।

हथियारों से लैस रहता है मिराज-2000
मिराज-2000 की कई खासियत है, वैसे तो यह कई प्रकार के हथियारों को कितनी भी दूर तक ले जाने में सक्षम है, वहीं इसमें हथियारों को ले जाने के लिए 5 पाइंट प्लेन के नीचे और करीब दो-दो पाइंट दोनों साइड के पंखों पर हैं। पहले इस विमान में स्नेक्मा एम 53-5 इंजन था, जिसे बाद में एम 53 पी-2 इंजन से अपडेट किया गया।

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मुरैना में हुआ हादसा-

मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में शनिवार 28 जनवरी को लड़ाकू विमानों के अभ्यास के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया, ग्वालियर से सुबह सुखोई-30 और मिराज-2000 उड़े थे, बताया जा रहा है कि ये प्लेन करीब 8 हजार किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अभ्यास कर रहे थे, इसी दौरान टकराने के कारण ये पहाड़गंज क्षेत्र में ईश्वरदेव की पहाड़ी पर जा गिरे, प्लेन के कई टुकड़े हो गए, जो यहां वहां बिखर गए और उनमें आग लग गई थी, इस हादसे में एक पायलेट की मौत हो गई, वहीं दो घायल हैं। ये पायलेट डेली रूटिन ट्रेनिंग के लिए निकले थे।

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