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भू माफिया की मनमानी: प्लाट की जमीन के भराव के लिए की खुदाई, नहर हुई क्षतिग्रस्त

- तीन गांव के किसानों की 800 बीघा फसल की सिंचाई पर संकट - नहर की समय पर मरम्मत नहीं हुई तो सूख सकती है किसानों की गेंहू की फसल - 35 फीट गहरे गड्ढे में पानी भरने से नहर का किनारा धसका, पड़ी दरार, बंद करनी पड़ी नहर में पानी की सप्लाई

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मुरैना. किशनपुर मौजे में भू माफिया की मनमानी के चलते तीन गांवों के किसानो की करीब 800 बीघा गेंहू की फसल पर संकट आन पड़ा है। खुदाई के चलते नहर का दो जगह से बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है, जि
माफिया ने अपनी प्लाटिंग वाली जमीन के भराव के लिए एमबीसी (मुरैना ब्रांच कैनाल) से निकली 16 आर माइनर (छोटी नहर) के किनारे से मिट्टी खुदाई कर डाली। नहर किनारे से जबरदस्त मिट्टी खोदी गई जिससे करीब 35 फीट गहरा गड्ढा हो गया। बारिश होने पर नहर की मिट्टी गीली हो गई और वह दो जगह से ढह गई। वहीं नहर कई जगह से दरार दे चुकी है। जल संसाधन विभाग ने नहर के फूटने के डर से पानी की सप्लाई बंद कर दी है। जिसके चलते किसानों के गेंहू की फसल में सिंचाई का संकट खड़ा हो गया है। हालांकि क्षेत्र में सरसों भी है लेकिन 90 प्रतिशत खेतों में गेंहू की फसल खड़ी है, सरसों में पानी की ज्यादा आवश्यकता नहीं पड़ती, जबकि गेंहू की फसल में कम से कम चार बार निश्चिंत अंतराल से पानी चाहिए तब फसल हो पाती है।

  • इन गांवों की फसल पर संकटमुरैना ब्रांच कैनाल से निकली 16 आर माइनर से किशनपुर, जगतपुर, बिचोली के गांव के अन्य मजरों पर खड़ी फसल में सिंचाई का संकट खड़ा हो गया है। अगर समय रहते माइनर (छोटी नहर) की मरम्मत नहीं की गई तो गेंहू में पलेवा नहीं हो पाएगा। इन गांवों के करीब 300 किसानों की 800 बीघा जमीन की सिंचाई इसी नहर से होती है।
  • माफिया पर नहीं हैं प्रशासन की लगामजिले में भू माफिया पर प्रशासन की लगाम कमजोर है। इसलिए वह मनमानी करते हुए कहीं भी अवैध कॉलोनी का ढांचा खड़ कर देते हैं। नियमानुसार मिट्टी की खुदाई के लिए राजस्व विभाग से अनुमति लेनी होती है, उसके बाद भी यह देखना आवश्यक है कि मिट्टी की खुदाई से कहीं कोई क्षति तो नहीं हो रही।
  • भू माफिया के खिलाफ हो सकती है एफआइआरकिशनपुर मौजे की माइनर के बगल से मिट्टी खोदने की शिकायत प्रशासन तक पहुंच गई है। तहसीलदार ने नायब तहसीलदार को निर्देश दिए हैं कि मौके पर पहुंचकर मामले की जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करें, जिससे संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जा सके। जांच प्रतिवेदन के उपरांत प्रशासन भू माफिया के खिलाफ एफआइआर करा सकता है।कथन
  • किशनपुर मौजे में छोटी नहर के बगल से मिट्टी खोदने से नहर के क्षतिग्रस्त होने की शिकायत मिली है। मामला किसानों से जुड़ा है, इसलिए गंभीर है। नायब तहसीलदार को मौके पर भेजा है, जांच उपरांत संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।सीतराम वर्मा, तहसीलदार, मुरैना