
मुरैना. बारिश के सीजन में एक तो चंबल नदी में जलस्तर अधिक है, ऊपर से स्टीमर संचालक बिना लाइफ जैकेट पहनाए ही क्षमता से तीन गुना अधिक सवारियां भरकर लोगों को नदी पार करवा रहे हैं। गंभीर बात यह है कि इन दिनों सौरों से गंगाजल भरकर आ रहे सैकड़ों की संख्या में कांवडि़ए रोज चंबल नदी पार करके अंबाह क्षेत्र में आ रहे हैं लेकिन उनकी सुरक्षा की चिंता करने वाला भी कोई नहीं।
जानकारी के अनुसार शुक्रवार को सैकड़ों कांवडि़ए चंबल के पिनाहट घाट पर सौरों से गंगाजल भरकर मप्र की सीमा में प्रवेश करने के लिए पहुंचे थे। इस कांवडिय़ों को नदी पार करने के लिए एकमात्र सहारा स्टीमर ही था। लेकिन 35 से 40 की क्षमता वाले स्टीमर में 100 से 120 कांवडिय़ों को बैठाकर स्टीमर संचालक ने चंबल नदी पार कराई। यह जानते हुए भी बारिश के सीजन में चंबल नदी में जलस्तर अधिक है, अगर कोई अनहोनी हुई तो बिना लाइफ जैकेट पहने हुए लोगों की जान को खतरा भी हो सकता था। लेकिन थोड़े से किराए के लालच में स्टीमर संचालक ने दिनभर कांवडिय़ों की जान से खिलवाड़ किया।
-मप्र सीमा में सुरक्षा के इंतजाम न पुलिसकर्मी तैनात:
इन दिनों चंबल नदी के उसैद घाट पर बारिश के कारण रास्ता फिसलनभरा हो गया है। इसके बावजूद मप्र की सीमा में सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। दिनभर में जहां हजारों कावड़ आ रही हैं, वही घाट पर सुरक्षा के लिए मप्र की सीमा में एक भी पुलिस का जवान नहीं दिख रहा। उप्र को सीमा में सुरक्षा के लिए जरूर कुछ पुलिसकर्मी तैनात हैं।
-बिना सुरक्षा उपकरण के लोग नदी पार कर रहे
चंबल नदी के उसैद घाट पर यात्री बिना किसी सुरक्षा उपकरण, लाइफ जैकेट पहने स्टीमर पर सवार होकर आवागमन कर रहे हैं। लोगों की इतनी भीड़ रहती है कि स्टीमर पर पैर रखने के लिए भी जगह नहीं बचती है। फिर भी लोग मजबूर होकर नदी पार करने के लिए जान का जोखिम उठा रहे हैं।
-शॉर्टकट रास्ता होने से यहीं से आते हैं अंचल के कावडि़ए
सौरों से गंगाजल लाने वाले कांवड़ यात्रियों को अंबाह, पोरसा, दिमनी के लिए चंबल के पिनाहट घाट का रास्ता कम दूरी का पड़ता है। इसलिए भिंड के गोरमी, गोहद तक के कांवड़ यात्री इसका उपयोग करते हैं। साथ ही मध्य प्रदेश के अम्बाह, मुरैना, पोरसा, ग्वालियर, भिंड के कांवडिय़े सोरों, हरिद्वार ऋषिकेश से कांवड़ में गंगाजल लेकर पिनाहट घाट होकर ही आते हैं। पिछले कुछ दिनों से लगातार बरसात होने और राजस्थान से चंबल में पानी छोड़े जाने से जल स्तर बढ़ा है।
-2025 तक बन पाएगा उसैद घाट का पक्का पुल
चंबल नदी के उसैद घाट पर पक्का पुल बनाने के लिए 125 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। पुल की ऊंचाई बढऩे से गर्डर ऊपर से लांच करेंगे बाढ़ के कारण उसैद-पिनाहट पुल की ऊंचाई आधा मीटर और बड़ाई जा रही है। अधिक ऊंचाई का पुल होने के कारण निर्माण एजेंसी पिलरों पर गर्डरों को ऊपर से लांच करेगी। इससे व्यय अधिक आएगा लेकिन काम में समय की बचत होगी। शासन का यह दबाव है कि पुल को दिसंबर 2024 तक कंपलीट कर दिया जाए। काम की रफ्तार को देखते हुए पुल 2025 तक बन पाएगा।
-पहुंच मार्ग दलदल में तब्दील, कांवड़ खंडित होने का खतरा
चंबल नदी के उसैथ-पिनाहट घाट पर बारिश से दलदल और फिसलन पैदा हो गई है। स्टीकर तक पहुंचने में कावडिय़ों को भारी समस्या हो रही है। पुल तक पहुंचने का कच्चा रेतीला रास्ता परेशानी का सबब बना हुआ है। बारिश से दलदल बने रास्ते में कावडिय़ों को निकलने में समस्या आ रही हैं।
वर्जन:
महुआ में हम प्रभारी से बात करके उसैद घाट पर पुलिस जवान तैनात करवाते हैं। जिससे यात्रियों समेत कांवडि़ए सुरक्षित तरीके से नदी पार करें।
रवि भदौरिया, एसडीओपी अंबाह
-अगर यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े उपकरण के बिना स्टीमर संचालित किए जा रहे हैं तो में बाह एसडीएम से बात करके इसे दिखवाऊंगा, सुरक्षा उपकरणों की जांच भी की जाएगी। साथ ही मप्र की सीमा में उसैद घाट पर पुलिस के जवान तैनात रहे इस संबंध में एसडीओपी से बात करता हूं।
अरविंद माहौर, एसडीएम अंबाह
Published on:
04 Aug 2024 02:53 pm

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