- चार महीना निकले, जौरा रोड पर एक तरफ का भी पूरा नहीं हो सका सडक़ निर्माण का कार्य, छह महीने में करना है कार्य पूरा
मुरैना. जौरा- सबलगढ़ मार्ग पर सडक़ निर्माण कार्य शुरू हो तो हो चुका है लेकिन सुस्त गति से हो रहा है इसलिए समय सीमा में कार्य पूरा होने में संशय बना हुआ है। वहीं बैरियर से मुरैना गांव तक करीब 18 करोड़ की लागत से नेशनल हाइवे लोक निर्माण विभाग द्वारा चार किमी तक सडक़ का निर्माण कार्य किया जा रहा है लेकिन नाला टेढ़ा होने से फुटपाद की चौड़ाई प्रभावित हो रही है, जिससे सडक़ निर्माण के नोम्र्स पूरे नहीं किए जा रहे हैं।
नेशनल हाइवे क्रमांक 552 पर बैरियर से मुरैना गांव तक सडक़ निर्माण से गड्ढों से राहत तो मिलेगी लेकिन जिस तरीके से निर्माण किया जा रहा है, उसके हिसाब से नियमोंं की अनदेखी की जा रही है। तयशुदा मापदंडों की अनदेखी की जा रही है। नियमानुसार दोनों तरफ सात-सात फुट चौड़ी सडक़, डेढ़-डेढ़ फुट चौड़ा नाला और ढाई-ढाई मीटर पेवर ब्लॉक बिछाकर फुटपाद तैयार करना था लेकिन इन दिनों बैरियर से मुरैना गांव की तरफ जाने वाले मार्ग पर सडक़ निर्माण के साथ नाले का निर्माण भी किया जा रहा है। नाला निर्माण मुरैना गांव से श्रीराम गार्डन तक आ चुका है। लेकिन यहां नाले को डेढ़ कर दिया है, जिसके चलते ढाई मीटर फुटपाद का निर्माण संभव ही नहीं हैं, यहां नाला पूरी तरह सडक़ से सटकर बनाया जा रहा है, जिससे नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है।