राजस्थान के बाघ की मध्यप्रदेश में दहशत...। ग्रामीण भयभीत, 24 घंटे तक एक ही जगह पर बैठा रहा बाघ फिर भी नहीं पकड़ पाया...।
जौरा (मुरैना)। राजस्थान के बाघ ने टाइगर स्टेट मध्यप्रदेश के सीमावर्ती जिले में दहशत बना रखी है। पिछले कुछ दिनों से वो कई गांव में घुस रहा था, इसने दो लोगों पर हमला करके घायल भी कर दिया था। वहीं अब रुनीपुर गांव में छुपा बैठा बाघ अचानक निकलकर फिर भागने में सफल हो गया।
थाना जौरा के रूनीपुर गांव में बीते रोज सुबह छह बजे आया बाघ 24 घंटे एक पाटौर में ही बैठा रहा उसके बाद भी वन विभाग उसको पकड़ नहीं सका। शिवपुरी से एक्सपर्ट की टीम रात को आ गई थी। लेकिन अंधेरा होने के कारण रेस्क्यू शुरू नहीं कर सकी। शुक्रवार की सुबह रेस्क्यू शुरू करने से पूर्व बाघ वहां से निकल गया। बाघ को लेकर आसपास गांव के लोगों में दहशत का माहौल है।
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यहां बता दें कि 17 नवंबर की सुबह छह बजे बाघ को रुनीपुर गांव में देखा गया। जौरा से दिनेश जैन रुनीपुर पहुंचे और बाघ का वीडियो बनाने लगे तभी बाघ ने हमला कर उसको घायल कर दिया। सूचना मिलने पर वन विभाग व पुलिस का अमला गांव में पहुंचा और ग्रामीणों को समझाइश दी। कुछ ग्रामीण भी वन विभाग व पुलिस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर मौके पर डटे रहे। रात भर बाघ स्कूल के बगल में स्थित पाटोर में बैठा रहा।
वन विभाग एवं पुलिस की टीम मौके पर तैनात रही उसके बाद भी सुबह साढ़े पांच बजे बाघ वहां से निकल गया और उनको पता भी नहीं चला। उधर शिवपुरी से एक्सपर्ट की टीम शाम को छह बजे तक पहुंची और 18 नवंबर की सुबह रेस्क्यू शुरू करने से पहले स्कूल की खिडक़ी से देखा तो पाटोर में बाघ नहीं था।
टीम के पहुंचते ही एकत्रित हुए ग्रामीण
ग्रामीणों को जैसे ही पता चला कि बाघ को पकडऩे के लिए टीम आ गई है तो ग्रामीण काफी उत्साहित हुए और एकत्रित होकर टीम के पास पहुंचे। टीम ने बाघ को बेहोश करने के लिए इंजेक्शन भर लिए और मशीन से धुंआ करने की तैयारी कर ही रहे थे लेकिन तब तक बाघ निकल चुका था। मौके पर एसडीएम अरविंद माहौर, एसडीओपी रितु केबरे एवं जौरा, बागचीनी, देवगढ़ थाना प्रभारी भी मय फोर्स के मौके पर मौजूद रहे। वहीं डीएफओ ने भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
ग्रामीण भयभीत, प्रशासन ने कराई मुनादी
जौरा अनुविभाग के बागचीनी क्षेत्र के खेतों में बाघ के खोज देखे गए हैं। जिससे ग्रामीण भयभीत हैं। एसडीएम जौरा अरविंद माहौर ने बताया कि हमने लोगों से कहा है कि सुरक्षा की दृष्टि से अभी सुबह शाम घर से दूर नहीं जाएं खासकर बच्चों पर विशेष निगाह रखें उनको घर से बाहर नहीं निकलने दें। एसडीएम का कहना है कि एहतियात के तौर पर पूरे क्षेत्र में सार्वजनिक मुनादी भी कराई गई है।
नरसिंहपुर में नहीं पकड़ सका था बाघ
कैलारस क्षेत्र के नरसिंहपुर में २२ अक्टूबर को बाघ आया था। उस दिन भी एक युवक को घायल कर चुका था। वन विभाग ने उस समय भी उसको पकडऩे के लिए कोई ठोस इंतजाम न करते हुए रात को चारों तरफ आग जलाकर उसको निकालने का प्रयास किया और उस गांव से निकल भी गया था। लोगों को कुछ समय तक राहत मिली लेकिन रुनीपुर में आने से अब फिर ग्रामीण दहशत में हैं।
रेस्क्यू से पहले भागा बाघ
यह तो ठीक रहा कि बाघ शुक्रवार की सुबह साढ़े पांच बजे रुनीपुर गांव से निकल गया क्योंकि वह आवादी क्षेत्र था किसी को क्षति पहुंचा सकता था। शिवपुरी टीम ने रेस्क्यू शुरू किया, उससे पहले बाघ निकल चुका था। लेकिन वन विभाग की टीम क्षेत्र में सर्चिंग कर रही है।
-स्वरूप दीक्षित, डीएफओ, मुरैना
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