
मुरैना. पुलिस अधीक्षक मुरैना समीर सौरभ ने ऐसे 2148 शस्त्र लाइसेंस निलंबित करने का प्रस्ताव कलेक्टर को भेजा है, जिनके धारकों का आपराधिक रिकॉर्ड है अर्थात जिन लोगों ने हथियार की आड़ में अपराध घटित किया है। पुलिस अधिकारियों का मानना हैं कि इस कार्रवाई से अपराधियों पर शिकंजा कसा जा सकता है।
पुलिस अधिकारियों का कहना हैं कि फायरिंग, हत्या, हत्या के प्रयास, जमीनों पर कब्जा और अवैध रेत उत्खनन इन सब अपराधों में वैध शस्त्र लाइसेंस का खुलेआम दुरुपयोग हो रहा था, जिले में करीब 28 से 30 हजार लोगों के पास वैध शस्त्र लाइसेंस हैं, लेकिन इनमें से बड़ी संख्या में ऐसे लोग पाए गए जिनके हथियार अपराध का जरिया बन चुके थे। पुलिस ने 15 दिसंबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक विशेष अभियान चलाकर सीसीटीएनएस एवं आईसीआईएस पोर्टल के माध्यम से शस्त्रधारियों का अपराधिक अभिलेख चैक करने पर 2148 शस्त्र लायसेंसधारियों के विरुद्ध अपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध होना पाया गया। जांच में जिन लोगों के खिलाफ गंभीर आपराधिक प्रकरण पाए गए हैं, चंबल में अब हथियार और अपराध की कोई जगह नहीं है, मुरैना पुलिस की यह कार्रवाई चंबल अंचल को अपराध मुक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम माना जा रहा है। इनमें ऐसे लोगों के लायसेंस भी शामिल हैं जिनके
द्वारा क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति निर्मित करने, आपराधिक प्रकरणों के साक्षियों को डरा-धमकाकर न्यायालय के निर्णय को प्रभावित करने एवं उनको दिए गए शस्त्र लायसेंस की शर्तों का उल्लंघन किया गया।
पुलिस अधीक्षक द्वारा सितंबर 2025 में भी अपराधिक रिकॉर्र्ड वाले 411 लोगों के शस्त्र निलंबन का प्रस्ताव कलेक्टर के भेजा था, उनमें कलेक्टर ने 282 के लाइसेंस निलंबित करने के आदेश जारी किए थे।
पुलिस ने एक महीने विशेष अभियान चलाकर ऐसे लोगों को चिन्हिंत किया गया, जिनका अपराधिक रिकॉर्ड है। ऐसे 2148 लोगों को चिन्हिंत कर शस्त्र लाइसेंस निलंबन का प्रस्ताव कलेक्टर को भेजा है।
Published on:
22 Jan 2026 03:08 pm
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