
मुरैना. जिले में कई राष्ट्रीयकृत और कोऑपरेटिव बैंक संचालित हैं। अंबाह कस्बे में यह अपनी तरह का अनूठा बैंक है। यहां रुपए-पैसे नहीं श्री सीताराम नाम जमा किए जाते हैं। वहीं इस बैंक का नाम ही श्री सीताराम नाम है। रोचक बात यह भी है कि इस बैंक की बाकायदा अलग-अलग जगह पर शाखाएं भी हैं, खातेदार भी और बैंक मैनेजर भी। अंबाह में स्थित इस बैंक का मुख्यालय अयोध्यापुरी की माणिकदास छावनी में है।
अंबाह में वर्ष 2019 से अब तक 176 करोड़ से अधिक ज्यादा श्री सीताराम नाम का लेखन पुस्तिका पर हो चुका है। यह एक अलग तरह का बैंक है। इसमें आपको केवल इच्छानुसार समय या थोड़ा सा मानसिक श्रम दान करना है। हां यहां आपकी पूंजी भगवान के नाम जमा होती है। जो आपको एक अनूठे आध्यात्मिक आनंद के साथ मन की शांति प्रदान करता है। जी हां यह है श्री सीताराम नाम बैंक। आप चाहें तो बस एक पेन और कापी लेकर अपने खाते की शुरुआत कर सकते हैं। यह कार्य ककरारी आश्रम के प्रमुख ऋषि महाराज के सानिध्य में एवं सिनेमा रोड स्थित सीताराम नाम बैंक में शिवदत्त शर्मा के मार्गदर्शन में किया जाता है।
अंबाह कस्बे में 2019 में सीताराम नाम बैंक शुरू हुई। इस बैंक में अब तक 125 करोड़ के करीब की पूंजी जमा हो चुकी हैं। शायद आप चौंक गए होंगे। दरअसल यह बैंक के सीतारामनाम लेखन बैंक। जिसमें लोग पुस्तिका पर सीताराम का नाम लिखते हैं और उसे जमा कराते हैं। जानकारी के अनुसार 2019 में 15 करोड़, 2020 में 25 करोड़ राम नाम पूंजी बैंक में जमा की। 2021 में कोविड की वजह से जमा नहीं की। 2022 में 35 करोड़ तो 2024 में 50 करोड़ 11 लाख 21 हजार 511, 2025 में 51 करोड़ 51 लाख 51 हजार 551 राम नाम पूंजी बैंक में जमा की है।
अंबाह नगर के वार्ड 08 में सुंदरकांड पाठ का वाचन किया गया। इस अवसर पर मात्र 12 महीने में श्री सीताराम नाम लिखे हुए 51 करोड़ 51 लाख 51 हजार 551 रामनाम पूंजी के सभी पत्रको को विधि-विधान के साथ अयोध्यापुरी रवाना किया गया। ककरारी धाम के महंत ऋषि महाराज, मां अंबे मैया की महंत कल्याणी मैया और हरिओम महाराज ने बताया कि चौरासी लाख या इससे अधिक राम नाम लिखने से मनुष्य को मोक्ष मिल जाता है। राम के नाम की महिमा अपरंपार है।
अंबाह में जब 2019 में बैंक की शुरुआत की गई उस दौरान हर महीने 05 से 07 हजार श्रद्धालु सीताराम नाम लिखने के लिए कॉपी वितरित की जाती थी। लेकिन हर साल कॉपियों को लेने के लिए श्रद्धालुओं की संख्या बढऩे लगी। वर्तमान में 20 हजार से अधिक कॉपियों को श्रद्धालुओं के बीच वितरित किया जाता है।
श्री सीताराम लेखन के लिए छोटे-छोटे खाली बाक्स वाली कापियां उपयोग की जाती हैं। इसमें एक कापी में लगभग 21 हजार बार सीताराम लेखन किया जाता है। श्री सीताराम लेखन बैंक से शिवदत्त शर्मा, श्री भगवान शर्मा, हरेंद्र शर्मा, संतोष बहन, रामदत्त शर्मा, सुरेश दत्त समदिया, राजेंद्र पचौरी, हवलदार सिंह तोमर, मोहनलाल कटारे, अजय अग्रवाल जेएसके परिवार मुरैना, विनोद शर्मा, पंडित वृंदावन शुक्ला, भूपेन्द्र कुमार शुक्ला, भागीरथ सिंह तोमर पटवारी, निर्भय सिंह तोमर, रामेश्वर शर्मा, नाथू श्रीवास, गिरीश शर्मा, होली राम पचौरी, समर सिंह सिकरवार, रामबरन सिंह सिकरवार आदि स्थायी रुप से जुड़े हैं।
Published on:
31 Aug 2025 11:35 am

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