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बजट को लेकर निगम की बैठक में हंगामा, बरसे कांग्रेसी पार्षद

पिछली बैठक में हंगामें के बाद भी स्पष्ट जानकारी प्रस्तुत नहीं कर सका निगम, इसको लेकर भी हुआ हंगामा, कुछ विंदुओं पर अगली बैठक में होगी चर्चा

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मुरैना. नगर निगम की बैठक में चर्चा के लिए एजेंडे में 15 विंदु रखे गए। जिनमें से एक से आठ विंदु तक चर्चा हो सकी, अन्य विंदु अगली बैठक में रखे जाएंगे। बैठक में पार्षदों को आवंटित बजट को लेकर कांग्रेस पार्षदों ने भेदभाव का आरोप लगाया और भाजपा पार्षदों के बोलने पर जबरदस्त हंगामा हुआ, सभापति राधारमण डंडोतिया को हस्तक्षेप करना पड़ा और उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि अगली बैठक में वार्डवाइज विकास कार्यों की स्पष्ट स्थिति प्रत्येक पार्षद की टेबिल पर होना चाहिए। इस मुद्दे को लेकर पिछली बैठक में भी काफी हंगामा चला और बाद में बिना किसी निर्णय के भाजपा पार्षद बैठक से छोडकऱ चले गए थे लेकिन उसके बाद भी निगम के जिम्मेदार तैयारी के साथ नहीं आए। पूरी बैठक में निगम के जिम्मेदार खामोश मुद्रा में नजर आए। सभापति ने निर्देश दिए तब एक बार आयुक्त ने जवाब प्रस्तुत किया।


बैठक में कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष विनीत कंषाना, सोनू जोनवार, गोविंद गोले, विधायक प्रतिनिधि उपेन्द्र सिकरवार ने ताबड़तोड़ हमला किया। कई मुद्दों पर निगम के जिम्मेदारों को घेरा। इन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पार्षदों के वार्डों में करोड़ों के कार्य कराए जा चुके हैं जबकि कांग्रेस पार्षदों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। कांग्रेसी पार्षदों ने यह मुद्दा भी उठाया कि वार्ड 12 में आयुक्त, सभापति एवं महापौर के बंगले हैं, अकेले महापौर के बंगले पर ही 45 लाख कैसे खर्च हो गए। वार्ड पार्षद ने आरोप लगाया कि उनकी बिना स्वीकृति के उनके वार्ड में तमाम करा दिए गए हैं। कांग्रेस पार्षद विजय सोलंकी ने प्रश्न उठाया कि वर्ष 2022 से अभी तक किस वार्ड में कितने विकास कार्य हुए, बैठक से पहले प्रत्येक पार्षद के पास ये जानकारी होना चाहिए। इस भाजपा पार्षद व एमआईसी सदस्य बदन सिंह यादव ने कहा कि बेतुके सवाल न करें, विकास पर बात करें। भाजपा की तरफ से ज्यादातर सवालों के जवाब एम आई सी सदस्य योगेन्द्र मावई ने दिए। उनका साथ रमेश उपाध्याय व बदन सिंह यादव ने दिया। बैठक में महापौर शारदा सोलंकी पर लगाए आरोपों के जवाब में उन्होंने कहा कि मेरे लिए कोई पक्ष व विपक्ष नहीं हैं, ये मेरे लिए परिवार है, मैं जनता की प्रतिनिधि हूं, विकास के लिए मैं सबके साथ हूं।

नेता प्रतिपक्ष को मांगनी पड़ी मांफी

बैठक के दौरान नेता प्रतिपक्ष कंषाना ने भाजपा पार्षदों के वार्डों में हुए विकास कार्यों की जानकारी सदन में रखी जिसमें वार्ड 10 में आठ लाख की जगह आठ करोड़ के विकास कार्य बताने पर वार्ड पार्षद प्रेमवती रमेश उपाध्याय आक्रामक हो गई और नेता प्रतिपक्ष से गलत जानकारी के लिए मांफी मांगने की मांग की। नेता प्रतिपक्ष ने मांफी मांगी तब मामला शांत हुआ। इसी तरह वार्ड 14 में तीन करोड़ से अधिक के विकास कार्य बताए, इस पर वार्ड पार्षद युवराज डंडोतिया ने सदन में आपत्ति की और कहा कि ये जानकारी गलत है। इस पर सभापति ने कहा कि ये जानकारी किसने दी है, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए।

सरकारी जमीनों से हटेगा अतिक्रमण

नगर निगम की बैठक में सरकारी जमीनों पर भू माफिया द्वारा किए गए अतिक्रमण का मामला वार्ड 11 के पार्षद हरी सिं सिकरवार ने उठाया जिसका अधिकांश पार्षदों ने समर्थन किया और कार्रवाई की मांग की। निगम सभापति ने कहा कि निगम सीमा में जहां भी सरकारी जमीनों पर अतिक्र्रमण हुआ है या किया जा रहा है, उसको चिन्हिंत करके संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

हाईवे से हटाए जाएंगे अवैध रेत के ट्रैक्टर-ट्रॉली

निगम की बैठक में नेशनल हाईवे पर लग रही रेत की मंडी के खिलाफ कार्रवाई का मुद्दा भी छाया रहा। पार्षदों ने कहा कि रेत से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के सडक़ किनारे खड़े होने से जाम के हालात निर्मित होते हैं, इसलिए पुलिस व प्रशासन की मदद से नगर निगम रेत से भरे ट्रैक्टर- ट्रॉलियों को हटाकर सडक़ को अतिक्रमण मुक्त करेगा।

  • खाली पड़ी रही महिला पार्षदों की कुर्सीकलेक्टर के निर्देशों का असर निगम में स्पष्ट दिखाई दिया। जो महिला पार्षद नहीं आई, उनके पति या परिजन पहुंचे लेकिन वह सदन में न बैठकर दूर कुर्सी पर बैठे रहे। न तो उन्होंंने बहस मेंं भाग लिया और न कुछ बोले सिर्फ सदन की कार्रवाई देखते रहे।

इन विंदुओं पर हुई चर्चा

बैठक में जिन विंदुओं पर चर्चा हुई, उसमें खराब सफाई व्यवस्था, कचरा ढेरी एवं ड्रोनेज पर चर्चा हुई। जहां सुधार की आवश्यकता होगी, वहां किया जाएगा। विद्युत व्यवस्था को लेकर तय हुआ कि जिन वार्डों में लाइट नहीं लगी है, उनका टेंडर लगा है, जल्द टेंडर खोला जाएगा।
वार्ड अनुसार स्वीकृत प्रस्तावों, बजट राशि पर तय हुआ, जहां विकास की आवश्यकता है, वहां कार्य कराया जाएगा। कर्मचारियों को छह माह तक की अवधि बढ़ाई गई है। मस्टर पर भर्ती की जा रही है। शहर में हो रहे अवैध अतिक्रमण पर कार्रवाई की जाएगी।

इन विंदुओं पर होगी अगली बैठक में चर्चा

22 करोड़ टोल राशि के बंदर वाट पर चर्चा
विकलांग भर्ती घोटाला पर चर्चा
स्वच्छता निधी से फर्जी फाईले व भुगतानों पर चर्चा
चम्बल वॉटर प्रोजेक्ट एवं 20 फेस सीवर लाईन पर चर्चा
40 फर्जी एफ.डी. राशि में गवन पर चर्चा
पार्षद द्वारा दिये गये पत्रों पर कार्यवाही की समय सीमा निर्धारित पर चर्चा
आउटसोर्स भर्ती की प्रकिया पर चर्चा