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मूवी रिव्यू: सोनूू के टीटू की स्वीटी: क्लैश बिटवीन ब्रोमांस VS रोमांस

कार्तिक आर्यन ने सोनू के किरदार में शानदार अभिनय किया है। आलोक नाथ और वीरेन्द्र सक्सेना की जुगलबंदी सरप्राइज पैकेज है

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Mahendra Yadav

Feb 23, 2018

sonu ke Titu ki Sweety

sonu ke Titu ki Sweety

-आर्यन शर्मा

कॉमेडी सीरीज 'प्यार का पंचनामा' से यंगस्टर्स में अलग पहचान बना चुके निर्देशक लव रंजन अब 'सोनू के टीटू की स्वीटी' मूवी लेकर आए हैं। ब्रोमांस वर्सेज रोमांस के कॉन्सेप्ट पर बेस्ड यह फिल्म 'दोस्ती' और 'लड़की' के इर्द-गिर्द घूमती है। फिल्म कहीं न कहीं 'प्यार का पंचनामा' जैसी लगती है, लेकिन ताजगी की कुछ कमी है। इसमें दोराय नहीं कि मूवी के कैरेक्टर्स यूथ से कनेक्ट करते हैं, पर सुस्त संपादन और कुछ फिजूल के दृश्य एंटरटेनमेंट के फ्लो को प्रभावित करते हैं।

स्टोरी-डायरेक्शन : लव रंजन
राइटिंग : राहुल मोदी, लव रंजन
जोनर : रोमांटिक कॉमेडी
म्यूजिक : रोचक कोहली, हनी सिंह , अमाल मलिक, जैक नाइट, सौरभ-वैभव
एडिटिंग : अकीव अली
स्टार कास्ट: कार्तिक आर्यन, नुसरत भरूचा, सनी सिंह, इशिता राज, आलोक नाथ , वीरेन्द्र सक्सेना, पवन चोपड़ा

स्क्रिप्ट:
सोनू (कार्तिक आर्यन) और टीटू (सनी सिंह) चाइल्डहुड फ्रेंड हैं। टीटू बार-बा? प्यार ?? में पड़ता है और हर बार किसी न किसी कारण उसका दिल टूट जाता है। इधर, सोनू न सिर्फ टीटू को गलत लड़की के चंगुल से बचाता है, बल्कि भाई की तरह हमेशा हौसला देता रहता है। दरअसल, सोनू जब १३ साल का था, तब उसकी मां का निधन हो गया था, ऐसे में वह टीटू के परिवार को ही अपनी फैमिली समझता है। लव और ब्रेकअप के पचड़े से बचने के लिए टीटू सैटल होने की सोचता है और अरेंज मैरिज को तैयार हो जाता है। उसे स्वीटी (नुसरत भरूचा) का रिश्ता आता है और दोनों एक-दूसरे को पसंद कर लेते हैं। टीटू व उसके परिवार को स्वीटी परफेक्ट लड़की लगती है। टीटू और स्वीटी की शादी तय हो जाती है, पर सोनू सोचता है कि कोई लड़की इतनी परफेक्ट कैसे हो सकती है, जरूर दाल में काला है। वह स्वीटी से अपने दोस्त को बचाने की जुगत में लग जाता है और इधर, स्वीटी भी सोनू को खुला चैलेंज दे देती है। इसके बाद हल्के-फुल्के ट्विस्ट्स के साथ कहानी आगे बढ़ती है।

डायरेक्शन:
निर्देशक लव रंजन ने यूथ ओरिएंटेड स्टोरी प्रजेंट करने की कोशिश की है। हालांकि दोस्ती बनाम इश्क कॉन्सेप्ट नया नहीं है, पर निर्देशक ने उस मिथ को तोडऩे का प्रयास किया है, जिसमें कहा जाता है कि दोस्ती और लड़की में से हमेशा लड़की ही जीतती है। डायलॉग्स अच्छे हैं। गीत-संगीत अच्छा है, पर कुछ गाने कहानी के फ्लो पर असर डालते हैं। लोकेशंस और सिनेमैटोग्राफी कमाल की है। सबसे माइनस पॉइंट एडिटिंग है, जो रफ्तार को धीमा कर देती है।

एक्टिंग:
कार्तिक आर्यन ने सोनू के किरदार में शानदार अभिनय किया है। हालांकि फिल्म में कार्तिक का 'प्यार का पंचनामा' सीरीज जैसा कोई मोनोलॉग नहीं होना अखरता है। सनी ने भी टीटू की भूमिका अच्छे से निभाई है, वहीं नुसरत ने अपने रोल के वेरिएशन को बखूबी पकड़ा और परफेक्ट अंदाज में प्रजेंट किया है। आलोक नाथ और वीरेन्द्र सक्सेना की जुगलबंदी सरप्राइज पैकेज है और उनका चुलबुलापन मूवी में कॉमेडी का तड़का लगाता है। इशिता राज की परफॉर्मेंस भी अच्छी है। सपोर्टिंग कास्ट का काम भी ठीक है।
क्यों देखें:
एक्टर्स की सॉलिड परफॉर्मेंस, कॉमिक सिचुएशंस और फनी पंचलाइंस एंटरटेन करती हैं। कार्तिक, सनी और नुसरत की कैमिस्ट्री जबरदस्त है। दोस्ती और प्यार का प्लॉट अच्छा है, लेकिन टाइट एडिटिंग से फिल्म को क्रिस्प किया जा सकता था। ब्रोमांस का यह स्वीट पंचनामा यूथ के लिए टाइमपास का अच्छा ऑप्शन है।