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स्मगलर अली बुदेश की बहरीन में मौत

डी गैंग के खात्मे की खाई थी कसम, डॉन दाऊद का था जानी दुश्मनदाऊद को मारने के लिए बबलू श्रीवास्तव को दी थी सुपारी

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डी गैंग के खात्मे की खाई थी कसम, डॉन दाऊद का था जानी दुश्मन

डी गैंग के खात्मे की खाई थी कसम, डॉन दाऊद का था जानी दुश्मन

मुंबई. अंडरवल्र्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के जानी दुश्मन गैंगस्टर अली बुदेश की मौत हो गई है। वह लंबे समय से बीमार था। बहरीन में उपचार करवा रहा था। उसके पिता बहरीन के नागरिक थे जबकि मां भारतीय (मुंबई) थीं। विदेश भागने से पहले वह मुंबई के घाटकोपर (पश्चिम) में रहता था। वह स्मलिंग कारोबार से जुड़ा था। शुरुआती दौर में वह भी दाऊद गिरोह (डी गैंग) के लिए काम करता था। बाद में वह डी गैंग से अलग हो गया। उसने अपना स्मगलिंग नेटवर्क बनाया था, जिसे दाऊद ने तबाह कर दिया था। इसके बाद दोनों में दुश्मनी हो गई। बुदेश ने छोटा राजन से हाथ मिला लिया। उसने दाऊद को जान से मारने की धमकी भी दी थी। दाऊद के गुर्गों ने उसकी हत्या की नाकाम कोशिश की थी। बुदेश ने भी दाऊद के खात्मे की कसम खाई थी।

कस्टम में काम किया
मुंबई में पला-बढ़ा बुदेश नौकरी करने बहरीन गया था। उसने सीमा शुल्क विभाग में काम किया। इस दौरान वहां के कई प्रभावशाली लोगों से उसने संपर्क बना लिया। हालांकि नौकरी में उसका मन नहीं लगा। नौकरी छोड़ वह वापस मुंबई लौट आया। घाटकोपर पश्चिम में वह रहता था।

खुद का ज्वैलरी कारोबार
सूत्रों के अनुसार बुदेश के पिता अली का ज्वैलरी कारोबार था। पैतृक कारोबार उसने नहीं संभाला। मुंबई में उसने स्मगलिंग शुरू की। धीरे-धीरे बड़ा नेटवर्क बना लिया। जब तक दाऊद भारत में था, दोनों के बीच खटास नहीं थी। पाकिस्तान भागने के बाद दाऊद ने बुदेश के कारोबारी हितों को नुकसान पहुंचाया। यहीं से इनके बीच दुश्मनी शुरू हुई।

पठान गैंग की कमर तोड़ी
डी गैंग का वर्चस्व कायम करने के लिए दाऊद के गुर्गों ने पहले पठान गैंग की कमर तोड़ दी। लेकिन, दाऊद के शूटर बुदेश का खात्मा नहीं कर पाए। पठान गिरोह बुदेश के लिए काम करता था। आग बबूला बुदेश ने कसम खाई कि वह दाऊद को नहीं छोड़ेगा। उसने दाऊद को खत्म करने का जिम्मा डॉन बबलू श्रीवास्तव को सौंपा था।

बहरीन से तस्करी
मुंबई से फरार होने के बाद बुदेश स्मगलिंग कारोबार से जुड़ा रहा। वह बहरीन से ही अपने नेटवर्क का संचालन करता था। 2018 में यूपी के 25 भाजपा विधायकों से रंगदारी मांगने के मामले में उसका नाम आया था। हालांकि बुदेश ने इससे इनकार किया था। मुंबई में फिरौती रैकट वह चलाता था। नब्बे के दशक में कुछ बॉलीवुड सेलिब्रिटी को उसने धमकी दी थी। दाऊद के साथ उसका झगड़ा 1998 में शुरू हुआ।