
suffering from malnutrition
मुंबई। महाराष्ट्र में बच्चों में व्याप्त कुपोषण
हमेशा से ही एक गंभीर समस्या रही है। आंकड़ों के अनुसार, राज्य में करीब 13 लाख
बच्चे कुपोषण की मार झेल रहे हैं। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई भी इससे अछूती नहीं
है। मुंबई के मालवणी इलाके की अंबुजवाड़ी बस्ती के कई बचचे कुपोषण की मार झेल रहे
हैं। मई 2015 के आंकड़ों के मुताबिक, आंगनबाडियों के अंतर्गत आने वाले 0 से 6 साल
के 761 बच्चों में से 12 बच्चे कुपोषित हैं और ये कुपोषण सी श्रेणी का है। 4 68
बच्चों का वजन तय मानक से भी कम पाया गया है।
हर मुमकिन मदद होगी
इन
आंकड़ों से यह सच सामने आता है कि आंगनबाडियों की दशा कितनी चिंताजनक है।
इंटीग्रेटेड चाइल्ड डेवलपमेंट स्कीम (आईसीडीएस) के अधिकारियों का कहना है कि मालवणी
की जनसंखया को ध्यान में रखते हुए उन्होंने करीब एक साल पहले इलाके में और
आंगनबाडियों की मांग सरकार से की थी, जिस पर सरकार की ओर से कोई जवाब अभी तक नहीं
आया है। जानकारों का कहना है कि कुपोषण जैसे मामले में किसी भी इलाके की अनदेखी एक
बड़ी प्रशासकीय भूल है, जबकि सरकार कहती है कि कुपोषण की समस्या उसकी प्राथमिकताओं
में से एक है। राज्य की महिला व बाल विकास मंत्री का कहना है कि वे मामले की जांच
करवाएंगी और अंबुजवाड़ी के बच्चों तक हर मुमकिन मदद पहुंचाएंगी।
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