मुंबई

8000 हजार कोचिंग क्लासेज, केवल 1100 ने ही कराया है पंजीकरण

कोचिंग: क्लासेज चलाने वाले करते रहे हैं मनमानी, महानगर में हैं आठ हजार से अधिक संस्थाननियमों का पालन नहीं करते अधिकांश संस्थान और सोसायटियां

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May 29, 2019
8000 हजार कोचिंग क्लासेज, केवल 1100 ने ही कराया है पंजीकरण

सूरत के कोचिंग संस्थान में हुए दर्दनाक हादसे के बावजूद मुंबई में क्लासेज चलाने वालों की मनमानी जारी है। महानगर के विभिन्न इलाकों में आठ हजार से अधिक संस्थान हैं। पर, बीएमसी के पास सिर्फ 1100 कोचिंग क्लासेज ने ही पंजीकरण कराया है। नियम के अनुसार सभी कोचिंग क्लासेज का पंजीकरण बीएमसी में कराना जरूरी है। गौरतलब है कि शुक्रवार को सूरत के एक कोचिंग क्लासेज में आग लग गई थी, जिसमें 22 छात्रों की मौत हो गई थी।

इसके बावजूद महानगर में चलने वाले हजारों कोचिंग क्लासेज में आग से बचाव को लेकर कोई सावधानी नहीं बरती जा रही है। बीएमसी ने महानगर के विभिन्न इलाकों में चलने वाले क्लासेज की जांच-पड़ताल कराने की बात कही है। पर, हर बार की तरह इस बार भी बीएमसी की ओर से कोचिंग क्लासेज को सिर्फ निर्देश दिया जा रहा है। बीएमसी ने कहा है कि यदि क्लासेज में आग से निपटने की व्यवस्था नहीं होगी तो वहां की बिजली और पानी का कनेक्शन काटा जाएगा। पर, कोचिंग क्लासेस पर इसका कोई असर नहीं दिख रहा है।


नियम बनाएं, हम करेंगे पालन
मुंबई क्लास ओनर्स एसोसिएशन के जगदीश वालावलकर ने बताया कि महानगर में 8,500 से अधिक निजी कोचिंग क्लास हैं। हमारे पास एक हजार से अधिक संस्था चालक रजिस्टर हैं। क्लास चालक और सरकारी अधिकारियों की सयुंक्त समिति ने प्रशासन को नियमावली बनाने के लिए छह महीने पहले रिपोर्ट दी है। परंतु, अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसलिए सुरक्षा और कानून के तहत सरकार को जल्द से जल्द नियम बनाने चाहिए, जिसका पालन करने के लिए हम तैयार हैं।


कमला मिल परिसर में हुई थी 14 लोगों की मौत
दिसंबर, 2017 में लोअर परेल स्थित कमला मिल परिसर में लगी आग में 14 लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद बड़ी सोसायटियों के साथ ही होटल-पब में आग की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए गए थे। बीएमसी ने पूरे महानगर में होटल, सोसायटियों और संस्थाओं की जांच का आदेश दिया था। नोटिस भी दिया गया था कि जिन संस्थाओं या व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में आग से बचाव के इंतजाम नहीं होंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। फायर ब्रिगेड की ओर से 120 के भीतर नियम के पालन का नोटिस जारी जारी किया गया था।


नियमों का पालन नहीं

सूरत की जिस कोचिंग में छात्र आगजनी के शिकार हुए, उसमें कई व्यावसायिक कार्यालय भी थे। मुंबई में भी कई जगहों पर अनेक कमर्शियल बिल्डिंगों में सैकड़ों छात्रों की संख्या वाली कोचिंग चलती हैं। इसमें से केवल ग्यारह सौ स्कूल, निजी क्लास, बीएमसी-सरकारी स्कूल फायर ब्रिगेड के पास रजिस्टर्ड हैं। बीएमसी के नियम अनुसार निजी, व्यावसायिक और शैक्षणिक इमारतों में अग्निरोधी उपकरण होने अनिवार्य हैं। लेकिन, अनेक संस्थाएं, सोसायटी इसे नजरअंदाज कर रही हैं।

Published on:
29 May 2019 05:57 pm
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