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मुंबई मेयर चुनाव की हलचल तेज, शिंदे गुट की हालत पर संजय राउत भड़के, कहा- बालासाहेब का…

संजय राउत ने दावा किया कि जिन कंपनियों का मुख्यालय मुंबई के बीकेसी में है, उनसे भी दावोस में जाकर निवेश समझौता किया जा रहा है।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Jan 21, 2026

Maharashtra Politics Devendra Fadnavis Eknath Shinde

देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे (Photo: IANS)

महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव के नतीजों के बाद राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया है। भाजपा नीत महायुति ने 29 में से 25 नगर निगमों पर कब्जा कर अपनी ताकत दिखाई है। वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के दावोस दौरे को लेकर विपक्ष ने तीखा हमला बोला है। शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने दावोस दौरे को फाइव स्टार पिकनिक करार देते हुए सरकार की निवेश नीतियों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। विदेश जाकर भारतीय कंपनियों से करार किया जा रहा है, जो कि पूरी तरह से हास्यास्पद है।

दावोस में निवेश नहीं, पिकनिक चल रही है- संजय राउत

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस वर्तमान में विश्व आर्थिक मंच (WEF) की बैठक के लिए दावोस (स्विट्जरलैंड) में हैं। राज्य सरकार का दावा है कि वहां 14.50 लाख करोड़ रुपये के निवेश के लिए 19 एमओयू (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इसी पर कटाक्ष करते हुए संजय राउत ने कहा, स्थानीय कंपनियों से विदेश में करार क्यों किया जा रहा, JSW, लोढा और पंचशील जैसी कंपनियां, जिनका मुख्यालय मुंबई या पुणे में है, उनसे करार करने के लिए विदेश जाने की क्या जरूरत थी? उन्होंने आरोप लगाया कि इससे महाराष्ट्र की छवि दुनिया के सामने मजाक बनकर रह जाती है।

जनता के पैसे की बर्बादी- राउत

राज्यसभा सांसद ने आरोप लगाया कि यह काम मुंबई में बैठकर भी हो सकता था, लेकिन जनता के टैक्स के पैसे का उपयोग विदेश में पिकनिक मनाने के लिए किया जा रहा है। राउत ने पिछले पांच वर्षों के 75 लाख करोड़ के निवेश के दावों पर सवाल उठाते हुए पूछा कि यह पैसा जमीन पर कहां है? सरकार को चाहिए कि वह अब तक के विदेशी दौरों पर हुए खर्च और उनसे मिली वास्तविक निवेश राशि का पूरा ब्योरा जनता के सामने रखे।

शिंदे के दिल्ली दौरे पर कसा तंज

हाल ही में संपन्न हुए महाराष्ट्र के 29 नगर निगम चुनावों में महायुति (BJP और शिंदे गुट) ने बड़ी सफलता हासिल की है। खासकर मुंबई महानगरपालिका (BMC) में भाजपा ने 89 सीटों पर जीत दर्ज कर सबसे बड़ी पार्टी बनने का तमगा हासिल किया, जबकि शिवसेना शिंदे गुट को 29 सीटें मिलीं। महायुति ने 118 सीटों के साथ बहुमत का आंकड़ा (114) पार कर लिया है, लेकिन मेयर (Mayor) पद को लेकर अभी भी खींचतान जारी है।

संजय राउत ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर निशाना साधते हुए कहा कि खुद को बालासाहेब का वारिस बताने वालों को मुंबई के मेयर पद के लिए दिल्ली में गुजराती नेताओं की शरण में जाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा, “इतिहास में पहली बार हो रहा है कि मुंबई का मेयर दिल्ली से चुना जाएगा। भाजपा का हाईकमान इस पर फैसला लेगा…जो लोग खुद को शिवसेना बताते हैं और बालासाहेब ठाकरे का नाम लेते हैं, तस्वीर लगाते हैं, उन्हें बीएमसी मेयर पद के लिए दिल्ली जाकर गुजराती नेताओं के पैरों में बैठना पड़ रहा है, यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और अपमानजनक है।

राउत ने मुख्यमंत्री को सलाह दी कि दावोस का दौरा खत्म होने के बाद मेयर पद की राजनीति से ज्यादा ध्यान राज्य में बेरोजगारी कम करने और वास्तविक निवेश लाने पर दिया जाना चाहिए।