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सहर शेख के ‘हरे रंग’ वाले बयान पर शिंदे सेना भड़की, ओवैसी की पार्टी बोली- भगवा कहने पर तो…

Sahar Shaikh vs Jitendra Awhad: शरद पवार के करीबी जितेंद्र आव्हाड का गढ़ माने जाने वाले मुंब्रा में बड़ा सियासी उलटफेर हुआ है। यहां असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ने अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। आव्हाड के पुराने साथी यूनुस शेख की बेटी सहर शेख ने जीतने के बाद सीधे आव्हाड को चुनौती दी है।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Jan 21, 2026

Sahar Shaikh AIMIM Mumbra

सहर शेख और शाइना एनसी (Photo: IANS)

ठाणे नगर निगम (TMC) के मुंब्रा क्षेत्र के वार्ड-30 से असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम (AIMIM) ने बड़ी जीत दर्ज की है। जीत के बाद नवनिर्वाचित नगरसेविका सहर शेख ने विजय जुलूस निकाला, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर जबरदस्त वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वह कहती नजर आ रही हैं, "अगले चुनाव में हम पूरे मुंब्रा को हरा कर देंगे। यहां से विरोधियों को भगा देंगे और मुंब्रा का हर जीतने वाला उम्मीदवार सिर्फ और सिर्फ एआईएमआईएम का होगा।" उनके इस बयान ने सूबे की राजनीति में खलबली मचा दी है। सहर शेख के इस बयान पर शिवसेना ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।

मुंब्रा को सालों से एनसीपी शरद पवार गुट का ठाणे का सबसे मजबूत गढ़ माना जाता रहा है। शरद पवार के करीबी और कद्दावर नेता जितेंद्र आव्हाड लगातार तीन बात से इस क्षेत्र से विधायक निर्वाचित हुए हैं। मुंब्रा-कलवा क्षेत्र की राजनीति में उनका प्रभाव लंबे समय से है। लेकिन इस बार यहां बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। वार्ड-30 से एआईएमआईएम का पूरा पैनल चुनकर आया है। आव्हाड के पुराने वफादार रहे यूनुस शेख की बेटी सहर शेख ने अपनी जीत के साथ ही सीधे आव्हाड को चुनौती दे डाली है।

शिवसेना नेता शाइना एनसी ने सहर शेख के मुंब्रा को हरे रंग से ढ़क देंगे वाले बयान पर कहा, "सहर शेख युवा नेत्री हैं, वे मुंब्रा में कहती हैं कि वह मुंब्रा को हरा कर देंगी। आपको यह साफ करना चाहिए कि आप पर्यावरण की बात कर रही हैं, जहां आप हरा-भरा, साफ-सुथरा माहौल चाहती हैं। अगर ऐसा है, तो आपका बयान स्वीकार्य है। लेकिन अगर आप धर्म, जाति और संस्कृति के आधार पर लोगों को बांट रही हैं, तो यह बहुत दुख की बात है। जब ओवैसी मुंबई आते हैं, तो वे विकास की बात करते हैं, लेकिन यहां आप तुष्टीकरण की राजनीति कर रही हैं।"

सहर शेख के बचाव में उतरी AIMIM

वहीँ, सहर शेख के समर्थन में AIMIM के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने कहा, "मैं लोगों का धन्यवाद करता हूं जिन्होंने हम पर और असदुद्दीन ओवैसी पर भरोसा किया और हमारे उम्मीदवारों को वोट देकर महाराष्ट्र में जिताया। हमें कुछ जगहों पर कामयाबी मिली मगर हम कई जगहों पर चूके हैं। यह विकास और लोगों के भरोसे की जीत है... भाजपा वाले हमेशा बोलते हैं कि हम जीते तो सब भगवा कर देंगे, तब कोई आपत्ति नहीं उठाता... यह खुशी का माहौल है और उन्होंने (सहर शेख) उत्साह में ऐसा कह दिया। जब भाजपा वाले इतना कहते हैं तो उन पर कोई सवाल नहीं उठाया जाता है। यह खुशी का माहौल है और इसे खुशी में ही रहने दीजिए।"    

कौन हैं सहर शेख?

सहर शेख मुंब्रा की राजनीति में एक उभरता हुआ युवा चेहरा बनकर उभरी हैं। वह जितेंद्र आव्हाड के कभी बेहद खास रहे यूनुस शेख की बेटी हैं। यूनुस शेख और आव्हाड के बीच वर्षों पुरानी दोस्ती थी, जो अब कट्टर दुश्मनी में बदल चुकी है। सहर ने सोशल मीडिया के जरिए युवाओं और महिलाओं के बीच अपनी खास पहचान बनाई। उनकी रैलियां और भाषण सोशल मीडिया पर इतने वायरल हुए कि उन्होंने विपक्षी पार्टियों के पसीने छुड़ा दिए। सहर का पूरा पैनल भारी मतों के अंतर से जीता है।

कलवा-मुंब्रा की राजनीति पर नजर डालें तो यह इलाका लंबे समय से राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरद पवार गुट) के विधायक जितेंद्र आव्हाड का गढ़ माना जाता रहा है। हालांकि इस बार दोनों एनसीपी गुटों में वोटों के बंटवारे का सीधा फायदा ओवैसी की पार्टी को मिला। पिछली बार मुंब्रा में AIMIM के केवल 2 नगरसेवक थे, लेकिन इस बार यह संख्या बढ़कर 5 हो गई है। सहर के साथ नफीस अंसारी, शेख सुलताना और डोंगरे शोएब फरीद ने भी शानदार जीत दर्ज की है।