
Amit Shah with Maharashtra MP
महाराष्ट्र और कर्नाटक सीमा विवाद के मुद्दे को लेकर कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सुप्रिया सुले के नेतृत्व में शुक्रवार को संसद में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। वहीं, गुजरात चुनाव रिजल्ट आने के बाद अमित शाह एक्शन मोड में आ गए हैं। जल्दी ही केंद्र सरकार महाराष्ट्र से जुड़े दो बड़े मुद्दे पर कोई अहम फैसला कर सकती है। एक मुद्दा महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा विवाद से जुड़ा है और दूसरा मुद्दा महाराष्ट्र के राज्यपाल कोश्यारी द्वारा शिवाजी महाराज पर दिए गए विवादास्पद बयान को लेकर महा विकास आघाड़ी के नेताओं की मांग से जुड़ा है।
आज सुप्रिया सुले समेत सांसदों का एक दल केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इसके बाद एनसीपी सांसद अमोल कोल्हे ने बताया कि गृहमंत्री अमित शाह 14 दिसंबर को कर्नाटक और महाराष्ट्र के सीएम बसवराज बोम्मई और एकनाथ शिंदे की चर्चा करवाएंगे। यह भी पढ़े: धारावी रीडिवेलपमेंट को गति देने का नया प्लान, अपात्र लोगों का भी किया जाएगा पुनर्वास
बता दें कि सांसद अमोल कोल्हे ने बताया कि दोनों ही मुद्दे पर गृहमंत्री अमित शाह ने महाविकास आघाड़ी (MVA) के सांसदों की बात ध्यान से सुनी और यह बताया कि वे 14 दिसंबर को महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे और कर्नाटक के सीएम बसवराज बोम्मई से इस सीमाविवाद के मुद्दे पर चर्चा करेंगे। सांसदों ने अमित शाह से राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी का जिक्र करते हुए कहा कि वे लगातार महाराष्ट्र के आदर्शों का अपमान करते रहे हैं।
इस बीच कर्नाटक और महाराष्ट्र के बीच सीमा विवाद को ध्यान में रखते हुए महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले में महाराष्ट्र पुलिस एक्ट 37 लागू कर दिया गया है। जिलाधिकारी के निर्देश के बाद एक जगह पर 5 से अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर लगी पाबंदी लग गई है। यह पाबंदी आज 9 दिसंबर से 23 दिसंबर तक जारी रहेगी।
गौरतलब है कि महाराष्ट्र-कर्नाटक के बीच साल 1957 में भाषा के आधार पर राज्यों के पुनर्गठन के बाद सीमा विवाद शुरू हुआ। महाराष्ट्र तभी से बेलगावी पर अपना दावा करता है, महाराष्ट्र का कहना है कि यह तत्कालीन बॉम्बे प्रेसीडेंसी का भाग था और यहां मराठी भाषी लोग भी अच्छी खासी संख्या में रहते हैं। महाराष्ट्र और कर्नाटक 814 मराठी भाषी गांवों पर भी दावा करता है। जबकि कर्नाटक साल 1967 में महाजन आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक भाषा के आधार पर हुए सीमांकन को ही अंतिम बंटवारा मानता है।
Updated on:
09 Dec 2022 10:01 pm
Published on:
09 Dec 2022 10:00 pm

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