30 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

‘उसकी आंखें अभी भी नम हैं’: जानें संजय राउत ने सुनेत्रा पवार की बड़ी भूमिका पर क्यों उठाए सवाल

Sanjay Raut on Sunetra Pawar: शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने शुक्रवार को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की विमान दुर्घटना में मृत्यु के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चल रही बातचीत पर अपनी राय व्यक्त की।

2 min read
Google source verification
Sanjay Raut

शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत

Sanjay Raut on Sunetra Pawar: अजित पवार के निधन के महज एक दिन बाद एनसीपी में उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार को पार्टी अध्यक्ष या उपमुख्यमंत्री बनाने की मांग तेज हो गई है, लेकिन शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने इसे ‘अमानवीय’ करार दिया है। राउत ने कहा कि सुनेत्रा अभी शोक में डूबी हैं और उनकी आंखें नम हैं, ऐसे में नेतृत्व या बड़ी भूमिका पर बात करना ठीक नहीं है।

राउत का तीखा बयान

संजय राउत ने कहा, इस मुद्दे (नेतृत्व) पर बात करना अमानवीय है। जिसने भी यह मुद्दा उठाया है, उसमें शून्य मानवता है – चाहे मंत्री हों या विधायक। महिला (अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा) ने पति खो दिया है। उनकी आंखें अभी भी नम हैं। राउत ने बीजेपी पर भी निशाना साधा और कहा कि अगर पार्टी को अजित पवार से कोई लगाव है तो सिंचाई घोटाले के 70,000 करोड़ के आरोप बिना शर्त वापस ले ले। उन्होंने कहा, बीजेपी को बिना शर्त आरोप वापस लेने चाहिए।

एनसीपी में सुनेत्रा के पक्ष में आवाज

अजित पवार के अंतिम संस्कार के बाद एनसीपी के वरिष्ठ नेता नरहरी झिरवाल ने कहा कि जनता की भावना है कि ‘वहिनी’ (सुनेत्रा) को मुख्यधारा में लाया जाए। झिरवाल ने बताया कि यात्रा के दौरान कई लोगों ने यही सुझाव दिया। एनसीपी के कुछ विधायकों ने सुनेत्रा से मुलाकात कर डिप्टी सीएम या पार्टी अध्यक्ष बनाने की मांग रखी है। प्रफुल्ल पटेल और छगन भुजबल ने भी उनके घर जाकर चर्चा की। सुनेत्रा राज्यसभा सांसद हैं और 2024 लोकसभा चुनाव में बारामती से हार गई थीं, जबकि अजित पवार बारामती के विधायक थे।

शिवसेना (यूबीटी) का नजरिया

राउत का बयान शिवसेना (यूबीटी) की ओर से आया है, जो महाविकास अघाड़ी में एनसीपी (एसपी) के साथ गठबंधन में है। उन्होंने शोक के समय राजनीतिक चर्चा को अनुचित बताया। एनसीपी में सुनेत्रा को बड़ी भूमिका देने की मांग बढ़ रही है, ताकि पवार परिवार की विरासत बनी रहे और महायुति सरकार में प्रभाव बना रहे। हालांकि, सुनेत्रा ने अभी कोई फैसला नहीं लिया है।

परिवार और पार्टी पर असर

अजित पवार के निधन से एनसीपी में नेतृत्व का संकट है। सुनेत्रा को डिप्टी सीएम या अध्यक्ष बनाने से परिवार का राजनीतिक नियंत्रण बरकरार रहेगा। एनसीपी (एसपी) के साथ विलय की भी बात हो रही है। राउत के बयान से स्पष्ट है कि शोक के बीच राजनीतिक फैसले जल्दबाजी में नहीं होने चाहिए। जांच और फैसले आने वाले दिनों में होंगे।

Story Loader