
श्रीमद भागवत सप्ताह के पांचवें दिन श्रीकृष्ण बाल लीला का सुंदर चित्रण ?
मुंबई. पवई साकीविहार रोड के तुंगा गांव स्थित शिवशक्ति नगर शांति कम्प्लेक्स में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में वृंदावन से पधारे पूज्य गुरु राघवेंद्र जी महाराज ने श्रीमद भागवत सप्ताह यज्ञ के पांचवें दिन श्रीकृष्ण बाल लीला, कालियामसन मर्दन एवं गोवर्धन पूजा का सुंदर चित्रण किया। भगवान कृष्ण बाल लीला, माखन चोरी व गोवर्धन पूजा की कथा श्रद्धालुओं को सुनाई। भगवान की अछ्वुत लीलाएं मानव जीवन के लिए प्रेरणा दायक हैं। भगवान कृष्ण ने बचपन में अनेक लीलाएं कीं। बाल कृष्ण सभी का मन मोह लिया करते थे। नटखट स्वभाव के चलते यशोदा मां के पास उनकी हर रोज शिकायत आती थी। मां उन्हें कहती थी कि प्रतिदिन तुम माखन चुरा के खाया करते हो तो वह तुरंत मुंह खोलकर मां को दिखा दिया करते थे कि मैया मोरी मैं नहीं माखन खायो। बहरहाल, नरेंद्र उपाध्याय, इंद्रमणि शुक्ला, प्रभाकर मिश्रा, मनोज राय, विनोद राजभर, सुधीर सिंह वीरेंद्र, चंद्रकांत मिश्रा, रूप नारायण तिवारी, नीरज भारद्वाज, राजू पाल, विजय प्रसाद, नरेश कुशवाहा राजकुमार यादव अपना विशेष सहयोग देकर आयोजन को सफल कर रहे हैं।
भगवान कृष्ण के कहने पर गोवर्धन पूजा...
पवई विकास सेवा समिति के तत्वावधान में चल रहे कथा को आगे बढ़ाते हुए महाराज ने कहा कि भगवान कृष्ण अपनी सखाओं और गोप-ग्वालों के साथ गोवर्धन पर्वत पर गए थे। वहां पर गोपिकाएं 56 प्रकार का भोजन रखकर नाच गाने के साथ उत्सव मना रही थीं। कृष्ण के पूछने पर उन्होंने बताया कि आज के ही दिन व्रसासुर को मारने वाले तथा मेघों व देवों के स्वामी इंद्र का पूजन होता है। इसे इंद्रोज यज्ञ कहते हैं। इससे प्रसन्न होकर इन्द्र ब्रज में वर्षा करते और अन्न पैदा होता है। भगवान कृष्ण ने कहा कि इन्द्र में क्या शक्ति है। उनसे अधिक शक्तिशाली तो हमारा गोवर्धन पर्वत है। इसके कारण ही वर्षा होती है। अत: हमें इंद्र से बलवान गोवर्धन की पूजा करनी चाहिए, जिसके उपरांत सभी गोकुल वासियों ने गोवर्धन पूजा किया।
Updated on:
21 Dec 2019 12:58 pm
Published on:
21 Dec 2019 12:47 pm
बड़ी खबरें
View Allमुंबई
महाराष्ट्र न्यूज़
ट्रेंडिंग
