
स्तन कैंसर (प्रतीकात्मक फोटो)
मुंबई. लागत में किफायती कार्बोप्लाटिन दवा (carboplatin drug) ट्रिपल निगेटिव स्तन कैंसर (Breast Cancer) के उपचार में कारगर है। इससे पीडि़त महिलाएं कम समय में पूरी तरह से ठीक हो रही हैं। अमरीका के सैन एंटोनियो में चल रहे स्तन कैंसर सम्मेलन में टाटा मेमोरियल सेंटर (टीएमसी) में ऑंकोलोजी के प्रोफेसर डॉ. सुदीप गुप्ता ने रिसर्च के नतीजे पेश किए। साल 2010 से 2020 के बीच मरीजों की रिसर्च रिपोर्ट को वैश्विक पेशवरों ने सराहा। टीएमसी के निदेशक डॉ. राजेंद्र बिदवे ने बताया कि कार्बोप्लाटिन दवा बाजार में सुलभ है। पीडि़त महिल के उपचार के लिए यह दवा खरीदने के लिए मासिक खर्च 1000 रुपए के आसपास होगा। नतीजे सकारात्मक रहे हैं। इससे हजारों महिलाओं की जान बचाई जा सकती है। फेफड़ा, सिर, गर्दन, अंडाशय कैंसर पीडि़तों की केमोथेरेपी में भी कार्बोप्लाटिन का इस्तेमाल होता है।
डॉ. बिदवे ने बताया कि हर साल भारत में औसतन एक लाख महिलाओं को स्तन कैंसर होता है। इनमें ट्रिपल निगेटिव स्तन कैंसर के 30 हजार केस होते हैं। सालाना आधार पर लगभग 10 हजार महिलाओं की मौत हो जाती थी। यह उपचार प्रणाली अपनाने से मौत के आकड़े चार हजार तक सीमित हो सकते हैं। मतलब यह कि कार्बोप्लाटिन से हर साल छह हजार महिलाओं की जान बचेगी।
सस्ते उपचार पर शोध
डॉ. बिदवे ने कहा कि कैंसर उपचार की लागत कम करने के लिए 15 शोध किए गए। स्तन कैंसर की रोकथाम में कार्बोप्लाटिन प्रभावी है या नहीं, यह शोध भी उनमें शामिल है। सभी जांच अणु ऊर्जा (atomic energy) विभाग के क्लीनिकल टेस्टिंग (clinical testing) सेंटर में की गई। स्तन कैंसर को लेकर सजग होने की जरूरत है। शक होने पर बेहिचक जांच करानी चाहिए। समय पर रोग पता चल जाए तो उसका उपचार संभव है।
700 महिलाएं शामिल
टीएमसी ने ट्रिपल निगेटिव स्तन कैंसर पीड़ित 700 महिलाओं को शोध में शामिल किया। पीडि़तों के दो ग्रुप बनाए गए। एक समूह की महिलाओं की स्टैंडर्ड केमोथेरेपी की गई। दूसरे समूह की महिलाओं को सप्ताह में एक बार अन्य दवाओं के साथ कार्बोप्लाटिन दी गई। लगातार आठ सप्ताह तय मानकों के मुताबिक दोनों ग्रुप की महिलाओं का उपचार किया गया। जांच में कार्बोप्लाटिन ग्रुप की महिलाओं का स्वास्थ्य बेहतर पाया गया।
Published on:
11 Dec 2022 07:47 pm

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