
School Dahi Handi
कोरोना महामारी की वजह से दो साल बाद फिर से मुंबई में कृष्ण जन्माष्टमी की धूम है। सुबह से ही गली मोहल्लों में ‘गोविंदा आला रे आला’ की गूंज एक बार फिर सुनाई दे रही है। दही हांडी उत्सव मुख्यत: महाराष्ट्र गोवा और गुजरात में मनाया जाता है। महाराष्ट्र में दही हांडी उत्सव को गोपालकाला के नाम से भी जानते हैं। इस बीच मुंबई के एस्.ई.सी. डे स्कूल आग्रीपाडा अस्थिव्यंग स्कूल में कुछ दिव्यांग बच्चों ने दही हांडी फोड़ी है। इन बच्चों ने जिंदादिली की मिसाल पेश किया है।
गुरुवार को इन दिव्यांग बच्चों ने दही हांड़ी का खेल खेला। एक-दूसरे के कंधे पर चढ़कर मटकी फोड़ी। इस स्कूल में करीब 100 से अधिक दिव्यांग बच्चे पढ़ते है। इस स्कूल में केजी से लेकर सातवीं कक्षा तक पढ़ाई होती है। यहां मराठी और हिंदी मीडियम में पढ़ाया जाता है। मुंबई का ये एकमात्र स्कूल है जहां ये दिव्यांग बच्चे पढ़ते है। यह भी पढ़ें: Maharashtra News: शिंदे सरकार का बड़ा फैसला, दही हांडी को दिया खेल का दर्जा; गोविंदाओं को मिलेगी नौकरी
बता दें कि इस स्कूल की प्रिंसिपल और टीचर बच्चों को हमेशा प्रेरित करते रहते है। इस स्कूल में अक्सर बच्चों के लिए कार्यक्रम किए जाते है। ये बच्चें भी स्कूल में होने वाले सभी कार्यक्रम में जमकर हिस्सा लेते है और अपनी जिंदगी को खुलकर जीते है। सातवीं कक्षा तक पढ़ने के बाद ये बच्चें सामान्य स्कूल में आगे की पढ़ाई करते है। एस्ईसी डे स्कूल आग्रीपाडा अस्थिव्यंग स्कूल के तीन ब्रांच मुंबई और एक ब्रांच पुने मे हैं। महाराष्ट्र सरकार के सामाजिक न्याय विभाग अंतर्गत मुंबई मे केवल इसी स्कूल की शाखाएं है।
महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे ने बड़ा एलान किया था। शिंदे सरकार ने दही हांडी को कबड्डी और खो-खो की तरह खेल का दर्जा दे दिया है। अब राज्य में दही हांडी को एडवेंचर स्पोर्ट्स के तौर पर पहचान मिली है। दही हांडी में शामिल होने वाले गोविंदा सरकारी योजनाओं का आनंद ले सकेंगे। गोविंदा अब से स्पोर्ट्स कोटा के लिए सरकारी नौकरियों भी मिलेगी। गुरुवार को सीएम एकनाथ शिंदे ने विधानसभा में एलान किया। सीएम शिंदे ने यह एलान किया कि जल्दी ही प्रो कबड्डी के नियमों के आधार पर राज्य में दही हांडी प्रतिस्पर्द्धा भी शुरू होगा।
Updated on:
19 Aug 2022 03:02 pm
Published on:
19 Aug 2022 03:01 pm
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