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महाराष्ट्र की फूलों की घाटी कास पठार में चलेंगी इलेक्ट्रिक बसें, डीजल-पेट्रोल वाहनों को इंट्री नहीं

प्रदूषण से खतरा: पश्चिमी घाट में स्थित है विश्व धरोहर स्थलईंधन के धुएं से कम हो रहे फूल, देश-विदेश से आते हैं हजारों पर्यटकग्रामीणों की आवाजाही के लिए बाहर से बनेगी सड़क

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महाराष्ट्र की फूलों की घाटी कास पठार में चलेंगी इलेक्ट्रिक बसें, डीजल-पेट्रोल वाहनों को इंट्री नहीं

महाराष्ट्र की फूलों की घाटी कास पठार में चलेंगी इलेक्ट्रिक बसें, डीजल-पेट्रोल वाहनों को इंट्री नहीं

मुंबई. सतारा जिले में स्थित महाराष्ट्र की फूलों की घाटी (कास पठार) को प्रदूषण से बचाने की कवायद शुरू हो गई है। पश्चिमी घाट में दूर तक फैले कास पठार में इलेक्ट्रिक बसें चलाने की तैयारी है। डीजल और पेट्रोल वाहनों की इंट्री बंद होगी। आसपास बसे गांवों में आवाजाही के लिए बाहर से सड़कें बनाई जाएंगी। फूलों की घाटी का सौंदर्य और आबोहवा स्वच्छ बनाए रखने के लिए वन विभाग, पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन की संयुक्त बैठक में यह निर्णय लिया गया। कास पठार यूनेस्को के विश्व धरोहर स्थलों में शामिल है। यहां डेढ़ हजार प्रजाति के पौधे पाए गए हैं। घाटी में 450 तरह के फूल खिलते हैं। इनमें 32 फूल लुप्त होने की कगार पर हैं। डीजल-पेट्रोल वाहनों के धुएं से यहां प्रदूषण बढ़ा है। इस कारण घाटी में उम्मीद से कम फूल खिल रहे।
जुलाई की बारिश के बाद पठारी इलाके में फूल खिलने लगते हैं। अगस्त-सितंबर में यहां की खूबसूरती देखते बनती है। हर साल देश-विदेश के हजारों सैलानी आते हैं। प्रदूषण नियंत्रण के लिए एक दिन में केवल तीन हजार लोगों को ही घाटी में प्रवेश मिलता है। पर्यटकों की सहूलियत के लिए पर्यटन विभाग की ओर से जरूरी सुविधाएं विकसित की गई हैं।

फूलों को बचाने की चुनौती
जिलाधिकारी रूपेश जयवंशी ने बताया कि साल दर साल फूलों की संख्या कम हो रही। हमारे सामने लुप्त प्राय फूलों को बचाने और वातावरण अनुकूल बनाए रखने की चुनौती है। वन विभाग और कास संवर्धन समिति ने इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू करने का आदेश दिया है। डीजल और पेट्रोल वाहन कुछ किमी पहले ही रोके जाएंगे। सभी पर्यटक इलेक्ट्रिक बस से जाएंगे।

प्रवेश के लिए अग्रिम पंजीकरण
कास पठार में गेंदा, सीता असवे, सोनकी, चवर जैसी कई प्रजातियों के फूल खिलने लगे हैं। अनंत चतुर्दशी के बाद यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी। 10 सितंबर से अग्रिम पंजीकरण कराने वाले पर्यटकों को ही फूलों की घाटी में प्रवेश मिलेगा। प्रति व्यक्ति 100 रुपए प्रवेश शुल्क चुकाना होगा।