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अत्यावश्यक सेवा देने वाले कर्मचारियों को बस समय उपलब्ध नहीं हो रही है

कोरोना से बेस्ट कर्मचारी भी पीड़ित है। इसलिए कर्मचारी डरे हुए हैं। परंतु अत्यावश्यक सेवा समय पर उपलब्ध हो इसके लिए अधिक बसें चलाने की जरूरत है। बेस्ट उपक्रम व मनपा प्रशासन से बातकर अधिक बसों को चलाने की मांग की जाएगी।

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अत्यावश्यक सेवा देने वाले कर्मचारियों को बस समय उपलब्ध नहीं हो रही है

अत्यावश्यक सेवा देने वाले कर्मचारियों को बस समय उपलब्ध नहीं हो रही है

मुंबई.अत्यावश्यक सेवा के तहत मुंबई में काम कर रहे विभिन्न लोगों को बेस्ट बस का ही सहारा है। कार्यालय जाने और वापस लौटने के लिए बस का देर तक इंतजार करना पड़ रहा है। क्योंकि बहुत ही सीमित संख्या में बेस्ट की बसें चलाई जा रही है।

विभिन्न अस्पताल के कर्मचारियों, मनपा व राज्य सरकार के कर्मचारियों और पुलिस आदि अत्यावश्यक सेवा करने वालों को एसटी महामंडल व बेस्ट उपक्रम की बसों की सेवा उपलब्ध कराई गई है। बेस्ट की ओर से 23 मार्च से लगातार लोगों को अपनी सेवा दी जा रही है। बेस्ट परिवहन विभाग प्रतिदिन 1800 से 2000 बसें चला रहा था। फिर जैसे जैसे कोरोना का संक्रमण बढ़ते गया बसों की संख्या कम कर दी गई । परंतु कोरोना के संकट काल में विभिन्न जगहों पर काम करने वाले कर्मचारियों की संख्या कम नहीं बल्कि बढ़ते गई। फिलहाल बेस्ट की ओर से 1200 बसें चलाई जा रही है और अत्यावश्यक सेवा के तहत तकरीबन ढाई लाख लोग अपनी सेवा दे रहे हैं।

मरीजों की सेवा,मुंबई के लोगों की सुरक्षा, समय पर पानी की आपूर्ति और अबाधित बिजली की आपूर्ति सहित अत्यावश्यक सेवा करने वाले डाॅक्टर, नर्स, पुलिस सभी लाॅकडाऊन में अपना काम सही तरीके से कर सकें। इसके लिए सभी को एसटी बस और बेस्ट बस की सुविधा दी गई है। परंतु कम बस होने के कारण परेशानी हो रही है।

विरोधी दल के नेता रविराजा ने कहा कि कोरोना से बेस्ट कर्मचारी भी पीड़ित है। इसलिए कर्मचारी डरे हुए हैं। परंतु अत्यावश्यक सेवा समय पर उपलब्ध हो इसके लिए अधिक बसें चलाने की जरूरत है। बेस्ट उपक्रम व मनपा प्रशासन से बातकर अधिक बसों को चलाने की मांग की जाएगी।

बेस्ट समिति के अध्यक्ष अनिल पाटणकर ने कहा कि शुरुआत में मनपा के कर्मचारियों की उपस्थिति कम थी। परंतु अब 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य किए जाने के कारण बेस्ट की बसों में भीड़ अधिक बड़ रही है। इसलिए जहां अधिक बसों को छोड़ने की जरूरत है वहां अधिक बसें छोड़ी जाएगी। किसी को भी बस का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।