
आखिरकार बिक गया आरके स्टूडियो, अब गोदरेज बनाएगी आलीशान इमारतें
मुंबई. मायानगरी के चेंबूर इलाके में स्थित शो मैन राजकूपर का आरके स्टूडियो आखिरकार बिक गया। कई एकड़ में फैले आरके स्टूडियो को गोदरेज प्रापर्टीज ने खरीद लिया है। हिट फिल्मों और होली की मस्ती के लिए मशहूर आरके स्टूडियो जल्दी ही ध्वस्त हो जाएगा। अब चेंबूर के आरके स्टूडियो के परिसर में गोदरेज प्रापर्टीज आलीशान इमारतें खड़ी करेगी। कपूर परिवार ने गोदरेज प्रापर्टीज के साथ सौदे पर मुहर लगा दी है। आरके स्टूडिया की नींव 1948 में पड़ी थी। आरके स्टूडियो आर्थिक राजधानी के उत्तर पूर्वी इलाके चेंबूर में स्थित है। यहां पर कई हिट फिल्में बनाई गई हैं। राज कपूर के निर्देशन में यहां बनी फिल्म ‘राम तेरी गंगा मैली’ 1985 में रिलीज हुई थी। यह ‘शो मैन’ निर्देशित आखिरी फिल्म थी। उल्लेखनीय है कि आरके फिल्म्स ने बॉलीवुड को बरसात (1949), आवारा (1951), बूटपॉलिश (1954), श्री 420 (1955) और जागते रहो (1956) जैसी शानदार फिल्में दी हैं।
गोदरेज के पास स्वामित्व
गोदरेज समूह की कंपनी ने आधिकारिक रूप से घोषणा की है कि आरके स्टूडियो का स्वामित्व अब उसके पास है। स्टूडियो को गिरा कर यहां शानदार आवासीय और व्यावसायिक परिसर विकसित किया जाएगा। कुल मिला कर 33 हजार वर्ग मीटर क्षेत्र में कंपनी विकास करेगी। पिछले साल गणेशोत्सव के दौरान आरके स्टूडियों में आग लग गई थी।
कपूर परिवार का फैसला
दिवंगत अभिनेता राज कपूर की पत्नी कृष्णा राज कपूर, बेटे रणधीर, ऋषि व राजीव और बेटी ऋतु नंदा और रीमा जैन ने सर्वसम्मति से स्टूडियो बेचने का फैसला किया। इस तरह से परिवार के हरेक सदस्य ने मिल कर अपनी धरोहर को गोदरेज के नाम करने का फैसला लिया।
छह महीने पहले हुआ था सौदा
रणधीर कपूर ने बताया कि आरके स्टूडियो का सौदा छह महीने पहले ही हो चुका था। हालांकि सौदे की रकम का खुलासा न कपूर परिवार ने किया है और न ही गोदरेज प्रापर्टीज ने कोई जानकारी दी है। आरके स्टूडियो को लेकर रणधीर ने कहा कि यह संपत्ति उनके परिवार के लिए बेहद महत्वपूर्ण रही है, क्योंकि यहां से कई दशक तक आरके स्टूडियो का परिचालन हुआ है। हमने इस संपत्ति की नई कहानी लिखने के लिए गोदरेज को चुना है।
Published on:
03 May 2019 07:42 pm
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