
One village, One Ganpati
महाराष्ट्र में गणपति बप्पा का आगमन हो गया है। मुंबई में हजारों की संख्या में छोटे-बड़े सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल बनाए गए हैं। यहां स्थापित होने वाली गणेश मूर्ति के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। वहीं, कोल्हापुर, सतारा, सांगली और सोलापुर सहित साउथ महाराष्ट्र के चार जिलों के 1,000 से अधिक गांव एकता और शांति के संदेश पर जोर देने के लिए एक गांव, एक गणपति मना रहे है।
एक गांव, एक गणपति का मतलब है कि एक गांव में सिर्फ एक गणेश उत्सव मनाया जाएगा। हालांकि राज्य सरकार ने कोरोना से संबंधित प्रतिबंधों को हटा दिया है, लेकिन कई गांवों द्वारा पहल की जा रही है। सतारा के पुलिस अधीक्षक अजय बंसल ने बताया कि मंडल 'एक गांव, एक गणपति' का चुनाव कर एकता के संदेश पर जोर देने के लिए आगे आए हैं। यह भी पढ़ें: Mumbai News: BMC इलेक्शन से पहले राज ठाकरे के घर पहुंचे सीएम शिंदे, राजनीतिक गलियारे में हलचल शुरू
बता दें कि पिछले साल महाराष्ट्र के इन चार जिलों के कई गांवों ने कोरोना के प्रकोप की वजह से गणेश उत्सव नहीं मनाने का फैसला किया था। इस साल महज 15 गांवों, कोल्हापुर में 11 और सतारा जिलों में चार ने त्योहार नहीं मनाने का निर्णय लिया था। गणेश चतुर्थी उत्सव की शुरुआत हो चुकी है, हर मंदिर, हर पंडाल में आपको गणपति बप्पा मोरेया के जयकारों की गूंज सुनने को मिल जाएगी। इस दौरान महाराष्ट्र एक अलग ही रंग में रंग जाता है।
गुरुवार को मुंबई में गणेश उत्सव के दूसरे दिन करीब 6,000 से अधिक मूर्तियों का विसर्जन किया गया। गणेश उत्सव पूरे दस दिन तक चलता है। डेढ़ दिन बाद कई परिवारों ने गणेश की मूर्तियां विसर्जित कीं। इस दौरान बीएमसी ने एक विज्ञप्ति में कहा कि शहर में शाम 6 बजे तक 5,936 घरेलू और 36 सामुदायिक (सार्वजनिक) समेत 6,034 मूर्तियों को विसर्जित किया जा चुका है।
Updated on:
02 Sept 2022 02:52 pm
Published on:
02 Sept 2022 02:51 pm
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