
तालाब क्षेत्रों में अच्छी बरसात से आस बंधी
अप्पर वैतरणा ने 110 मिमी, मोडकसागर में 69 मिमी, तानसा में 60 मिमी, मध्य वैतरणा में 78 मिमी, भातसा में 125 मिमी, विहार में 209 मिमी और तुलसी तालाब में 143 मिमी बरसात दर्ज की गई है। पिछले वर्ष अच्छी बरसात न होने के कारण पीने के पानी की आपूर्ति करने वाले तालाबों में पानी कम जमा हुआ। इसकी वजह से मुंबईकरों को पानी कटौती का सामना करना पड़ रहा है। गुरुवार को मनपा की ओर से यह निर्देश दिया गया था कि इस अच्छी बरसात न आने के कारण तालाबों में रिजर्व रखे गए पानी की आपूर्ति लोगों को की जा रही है। पानी की कमी को देखते हुए पानी का उपयोग संभालकर किया जाए। सिर्फ जुलाई माह तक पानी की आपूर्ति बिना किसी परेशानी के की जा सकेगी। आगामी 24 घंटे में मुंबई में मूसलाधार बरसात होने की संभावना मौसम विभाग ने जताई है। मुंबई को पानी की आपूर्ति किए जाने वाले सातों तालाबों में 28 जून को सुबह छह बजे तक 71 हजार 017 एमएलडी पानी था। मुंबईकरों को रोज 3 हजार 650 एमएलडी पानी की आपूर्ति की जाती है। रिजर्व पानी से 16 जुलाई तक पानी की आपूर्ति किए जाने की बात कही गई थी। तालाबों में पानी की कमी के बावजूद मनपा की ओर से मुंबई की कंपनियों, गैराज, स्वीमिंग पुलों को पानी की आपूर्ति जारी है, जिस पर रोक की मांग की जा रही है।
इमारत के गड्ढे से गिरकर बालक की मौत
भिवंडी. सागर प्लाजा के पास निर्माणाधीन इमारत के पास बरसात के कारण एक पानी भरे गडढ़ेे में डूबकर एक 10 वर्षीय कक्षा तीसरी के छात्र की मौत हो गई। गुलजार नगर निवासी नसरूद्दीन मंसूरी नामक पावरलूम मजदूर का अरमान अली नामक 10 वर्षीय लड़का अमजदिया स्कूल में कक्षा तीसरी में पढ़ता था। वह दोपहर के समय से ही घर से गायब था। शाम शाम चार बजे से ही उसके मां-बाप भरी बरसात में उसे ढूंढने बाहर गए थे। अभी वह बाहर ही थे कि कुछ लोगों ने अरमान का शव लेकर उसके घर आ गए।
इमारत कांग्रेस के नगरसेवक अरशद अंसारी की है। जिसे हाईकोर्ट के आदेश पर एक वर्ष पूर्व अवैध बताकर मनपा ने तोड़ दिया था और फिर उसी जगह पर इमारत का निर्माण हो रहा था। उसी इमारत के बरसाती पानी से भरे गड्ढे में अरमान की डूबकर मौत हो गई।
स्कूलों में भरा पानी, बच्चों को भेजा गया घर
मुंबई. सायन, कुर्ला, चेम्बूर, अंधेरी, वडाला समेत मुंबई के कई इलाकों में बारिश के चलते जन जीवन अस्त-व्यस्त रहा। इसके साथ ही कई निचले इलाकों में स्थित स्कूलों से बच्चों को एहतियातन जल्दी घर भेज दिया गया। साथ ही भारी बारिश के चलते कई बच्चे स्कूल नहीं पहुंच सके, जबकि कई प्राइमरी स्कूलों की छुट्टी कर दी गई। पहली बारिश में इतना जल-भराव देखकर जहां विद्यार्थी परेशान हुए तो वहीं अभिभावकों को भी मशक्कत उठानी पड़ी। वहीं दूसरी ओर कॉलेजों में भी एडमिशन प्रक्रिया के चलते बंद नहीं रहे, लेकिन बारिश के चलते आज छात्र की भीड़ कम ही रही।
खुले रहे स्कूल...
प्राइमरी स्कूल खुले रहे। कड़ी बारिश के चलते बच्चों का खासा ध्यान रखा गया,
जबकि ज्यादा बारिश के चलते स्कूलों में जल्दी छुट्टी कर दी गई। कल भी स्कूल अनवरत रूप से जारी रहेंगे। वही पता चला है कि कॉलेजों में भी एडमिशन प्रक्रिया जारी रही।
- जयश्री द्विवेदी, शिक्षिका, स्वामी विवेकानंद विद्यालय
बंद नहीं रहे कॉलेज
इस सीजन की पहली जोरदार बारिश ने भले ही मुंबईकरों को गर्मी से राहत दे दी हो, लेकिन साथ ही आफत भी आन पड़ी है। वही कॉलेज में एडमिशन प्रक्रिया अनवरत रूप से जारी रही हालांकि बच्चों की संख्या प्रो जाने की अपेक्षा कम जरूर रही, लेकिन कॉलेज बंद नहीं किए गए थे।
- डॉ. एमआर राजवाड़े, प्रिंसिपल, साठे कॉलेज
घरों और दुकानों में घुसा पानी, सड़क तालाबों में तब्दील
वसई. मानसून की पहली बारिश में मनपा के सफाई कर दावों की पोल खोलकर दी । बारिश के कारण लोगों के घरों और दुकानों में करीब एक फीट तक पानी घुस गया। और मनपा क्षेत्र की अधिकांश सड़के तालाबों में तब्दील हो गई। जबकि मनपा अधिकारियों ने मानसून से निपटने के लिए तैयार होने का दावा कर रही थी।। लेकिन एक दिन की मानसूनी बारिश ने मनपा के दावों की हवा निकाल दिया हैं। पिछले वर्ष मानसूनी बारिश में वसई विरार शहर महानगर पालिका का क्षेत्र तीन दिनों तक बाढ़ की चपेट में था। और दो दिनों तक क्षेत्र की बिजली भी बंद रही। ट्रेनों आवाजाही पूरी तरह से अस्तव्यस्त था। बाबजूद इसके मनपा ने नालो की सफाई में कोताही बरतें हुए सफाई केवल कागजों पर किया और नैतिक जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। जिसके चलते वसई, नायगांव, नालासोपारा, और विरार की अधिकांश सड़को पर पानी भरने से ऑटो रिक्शा, बसों, और निजी वाहनों का परिचालन बिल्कुल बंद हो गया। वही कई झोपडी पट्टी इलाकों में कमर तक पानी भर गया।
एक बारिश में पूरी तरह चरमराई बिजली व्यवस्था
गुरुवार देर रात तालुका व ग्रामीण क्षेत्रों में हल्की हवा की झोकों के साथ तेज बारिश शुरू हुई। तालुका में मानसून की पहली बारिश और हल्की हवा के झोकों से महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी की पोल खोल कर रख दी है। बरसात और हवा के झोकों से कई क्षेत्रों में बिजली गुल हो गई। बिजली नहीं होने के कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।
नवी मुंबई हुई जलमग्न, जगह जगह पानी का हुआ भराव
नवी मुंबई. महाराष्ट्र में मानसून ने दस्तक दे दिया है गुरुवार शाम को शुरू हुई हल्की बारिश के बाद जहां लोगों को थोड़ी राहत मिली, लेकिन शुक्रवार सुबह से जमकर नवी मुंबई और आसपास के इलाकों में बारिश होने से जहां नागरिकों को गर्मी से राहत मिली वहीं पहली बारिश ने मनपा की पोल भी खोल दिया। जगह-जगह पानी का जमाव, सड़कें जलमग्न हो गई तो एपीएमसी मार्केट के अंदर सड़कों पर तेज पानी के बहाव से लोगों को दिक्कतों का सामना भी करना पड़ा। वहीं वाशी सेक्टर-15 में एक विशाल वृक्ष गिरने से एक दुकान पर इसका असर पड़ा है।
बारिश के कारण्उा सड़कें जलमग्न हो गई वहीं वृक्ष गिरने, घरों के अंदर पानी के रिसाव से लोगों को दिक्कतों का सामना भी करना पड़ा, कई रेलवे स्टेशनों की छत से भी पानी का रिसाव होने के कारण यात्रियों को भी समस्या का सामना करना पड़ा। तेज बारिश में उन लोगों को भारी दिक्कतें हुई जिन लोगों ने निचले हिस्से वाले क्षेत्र में अपना आशियाना तैयार किया है। वाशी सेक्टर 15 स्थित कपड़ा मार्केट में एक दुकान पर पेड़ गिरने के कारण दुकान क्षतिग्रस्त हो गई, लेकिन दुकान बंद होने के कारण कोई जीवित हानि नही हुई। सायन-पनवेल मार्ग के उरण फाटा में भी जल भराव देखने को मिला तथा एशिया की सबस बड़ी मंडी कहे जाने वाले एपीएमसी मार्केट में भी जलभराव के कारण व्यापारियों के साथ मार्केट में आने जाने वाले लोगों को दिक्कतोंका सामना करना पड़ा। भुयारी मार्ग भी जलमग्न होने से आने-जाने वाले वाहनों को मशक्कत करनी पड़ी, जिससे लोगों को यातायात की समस्या भी झेलनी पड़ी ।
बरसात में भिवंडी में दो बड़े हादसे होते-होते टले
भिवंडी पत्रिका गुरूवार की देर शाम से हो रही भारी बरसाती पानी के जमाव
के कारण भिवंडी में दो बड़े हादसे होते-होते टल गए। पहली घटना में होलीमेरी कांवेंट स्कूल में कक्षा 2री में पढऩे वाली नबा शकील अंसारी को लेने उसकी मां स्कूल गई थी। स्कूल के गेट के पास सड़क पर पानी भरा होने के कारण उसे गटर का पता नहीं चला और दोनों मां बेटी सड़क के किनारे की बड़ी गटर में गिर गई। जब वह डूब रही थीं उसी समय एक वाहन चालक की नजर अचानक उन पर पड़ी और उसने तत्परता दिखाते हुए मां-बेटी को डूबने से बचा लिया। इसी तरह दूसरी घटना में बालाकंपाउंड के असलम नगर में एक वाहन चालक को पानी का अंदाजा न होने के कारण वह कार सहित खुले गटर में गिरते-गिरते बच गया। स्थानीय लोगों की मदद से कार को किसी तरह गटर में गिरने से बचाया गया।
Published on:
29 Jun 2019 02:49 pm
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