
अब राज्य के हर जिले में खुलेंगे हज कमेटी के कार्यालय
जमाल सिद्दीकी ने राज्य हज कमेटी को चुस्त-दुरूस्त, पारदर्शी और कार्यक्षम बनाने का संकल्प दुहराते हुए बताया कि उमरा कराने के नाम पर निजी ट्रवेल्स एजेंसियां मुसलमानों को दोनों हाथ लूट रही थीं। उस पर अंकुश लगाना जरूरी हो गया था। इसके लिए तमाम एजेंसियों की आडिट कराने के अलावा गड़बड़ी पाए जाने पर उन्हें काली सूची में डालने का भी काम किया जाएगा। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों को आड़ों हाथ लेते हुए आगे कहा कि इससे पहले की सरकारों द्वारा हज कमेटी के नाम पर मुसलमानों को सिर्फ मूर्ख बनाया गया है। क्योंकि राज्य हज कमेटी का अपना कार्यालय तक नहीं है। यह साबू सिद्दीक मुसाफिरखाना में किराया पर चलता है। जिसमें आम हाजियों के लिए कोई बुनियादी सुविधा तो क्या ढंग से बैठने के लिए स्थान तक नहीं है। यहां तक कि संचार क्रांति के इस दौर में भी हज कमेटी के पास अपना वेब साइट, फेसबुक एकाउंट, ट्विटर हैंडल अथवा टोल फ्री हेल्प लाइन तक नहीं है। जिससे हाजियों से सुविधा जनक जानकारी, संवाद या उनकी अड़चनों का निवारण हो सके। इसलिए हम हज संबंधी आवेदन पत्र के लिए प्रदेश के हर जिला पर कार्यालय और हर तहसील पर हाजी दोस्त बनाएंगे।
Published on:
02 Jun 2019 08:13 pm
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