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Maharashtra: मुझे रिटायर होना है, पीएम मोदी ‘इन’ लोगों को मौका दें, राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी का बड़ा बयान

महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी अपने बयान से अक्सर सुर्खियों में रहते है। इस बीच भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि मुझे रिटायर होना है, फिर भी मैंं राज्यपाल के पद पर रह कर काम कर रहा हूं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसी ऐसे शख्स को राज्यपाल बनाएं, जिनका समाज में कोई योगदान हो।

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Bhagat Singh Koshyari

महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी अक्सर अपने बयानों से चर्चा में बने रहते हैं। अब उनका एक और बयान सामने आया है जो चर्चा का विषय बन सकता है। राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने अपने नए बयान में कहा है कि अब वे रिटायर होना चाहते हैं। उन्होंने अपनी रिटायरमेंट की इच्छा जताई है। भगत सिंह कोश्यारी ने कहा है कि उन्हें रिटायर होने की इच्छा है, साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को किस तरह के व्यक्ति को राज्यपाल बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए एक सेवा भाव रखने वाले इंसान की ज़रूरत है।

महाराष्ट्र के अहमदनगर में ‘स्नेहालय’ संस्था की तरफ से युवा प्रेरणा शिविर का आयोजन किया गया था। इस शिविर का उद्घाटन राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के हाथों किया गया। इसी कार्यक्रम में उन्होंने भाषण में यह बयान दिया है। यह भी पढ़ें: Maharashtra Politics: मोदी सरकार में शिंदे खेमे के 2 सांसदों को मिलेगी जगह, इन दो दिग्गजों को बनाया जा सकते हैं मंत्री

बता दें कि इस कार्यक्रम में राज्यपाल कोश्यारी ने कहा कि समाज को बेहतर बनाने का काम युवाओं को करना होगा। मुझे रिटायरमेंट मिल जाना चाहिए लेकिन फिर भी मैं इस गवर्नरशिप में काम कर रहा हूं। सच कहूं तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्नेहालय संस्था के गिरीश कुलकर्णी जैसे शख्स को राज्यपाल बनाना चाहिए। गिरीश कुलकर्णी ने समाज के लिए बहुत बड़ा योगदान दिया है।

इसके बाद राज्यपाल बीते कुछ सालों में देश ने कितनी प्रगति की है, उस पर अपने विचार व्यक्त किए। कोश्यारी ने कहा कि 33 करोड़ लोगों के बैंक खाते खुलवाए गए। देश स्वतंत्रता का अमृत महोत्सव मना रहा है। ऐसे में अपने देश के साथ-साथ पड़ोसी देश भी प्रगति करें। जहां शौचालय नहीं थे, वहां शौचालय बनवाए गए। जिन गांवों में बिजली नहीं थी, वहां बिजली की व्यवस्था करवाई कई। अगर पड़ोसी प्रगति नहीं करेंगे तो उसका असर अपने देश पर ही पड़ेगा। इसलिए सबकी प्रगति होनी बहुत जरूरी है।

बता दें कि पिछले महीने महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने एक बयान में कहा कि गुजराती और राजस्थानी अगर मुंबई से निकल गए तो यहां क्या बचेगा? साथ ही यह वित्तीय राजधानी नहीं रहेगी। राज्यपाल के इस बयान पर उनका कड़ा विरोध हुआ। जिसके बाद आज भगत सिंह कोश्यारी ने अपने इस बयान के लिए माफी मांगी है। राज्यपाल के इस बयान से काफी विवाद हो गया था। उनके इस बयान की सभी पार्टियों ने निंदा भी की थी। इसके बाद भगत सिंह कोश्यारी ने अपने बयान पर माफी भी मांगी थी।

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