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जिसने बेटी को मारा, उसने हिला डाली कांग्रेस की नींव

जिसने बेटी को मारा, उसने हिला डाली कांग्रेस की नींव जेल में बंद इंद्राणी ने चिदंबरम की आजादी पर लगा दिया ग्रहण!  

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जिसने बेटी को मारा, उसने हिला डाली कांग्रेस की नींव

जिसने बेटी को मारा, उसने हिला डाली कांग्रेस की नींव

नागमणि पांडेय

मुंबई . कांग्रेस के दिग्गज नेता पी. चिदंबरम की आजादी पर ग्रहण लगाने वाली इंद्राणी मुखर्जी बीते चार साल से खुद मुम्बई की भायखला जेल में संगीन अपराध की सजा काट रही है। बेटी की हत्या करने वाली इंद्राणी मुखर्जी की गवाही ने ही कांग्रेस की नींव हिला डाली और पूर्व गृह मंत्री चिदंबरम को सीबीआइ ने गिरफ्तार कर लिया। इंद्राणी के सरकारी गवाह बनने की हामी भरने के बाद ही चिदंबरम पर शिकंजा कसा गया।

मुम्बई पुलिस ने अगस्त-2015 में शीना बोरा की हत्या प्रकरण में इंद्राणी मुखर्जी को गिरफ्तार किया था। इंद्राणी और उसके प्रेमी सिद्धार्थ दास की शीना हत्याकांड में लिप्तता सामने आने के बाद ही आगे की जांच सीबीइ को सौंपी गई। इसके बाद ही इंद्राणी को आरोपी बनाया गया |

सिद्धार्थ और इंद्राणी के बीच 1986 से 1989 तक संबंध थे | 1993 में इंद्राणी की पहली शादी संजीव खन्ना से हुई, इसके बाद 2002 में तलाक हो गया। उसने पीटर मुखर्जी से शादी कर ली। यह रिश्ता भी 2017 तक चला। पीटर 1997 से 2007 के दौरान स्टार इण्डिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी थे । फिर 2007 में इंद्राणी के साथ मिलकर आइएनएक्स मीडिया कंपनी की स्थापना की और दो साल बाद 2009 में दोनों ने कंपनी को छोड़ दिया | इस काम से पहले इंद्राणी एचआर कंसलटेंट के तौर पर काम करती थी |

पीटर के पुत्र से संबंधों में आए तनाव

इसी दौरान पीटर के पुत्र राहुल और शीना बोरा के बीच नजदीकियां बढ़ गईं। शीना ने इंद्राणी और पीटर को परेशान करना शुरू कर दिया। शीना मुंबई मेट्रो में काम करती थी। इस बीच, 24 अप्रेल 2012 से शीना अचानक लापता हो गई और उसका शव रायगढ़ में मिला था। शव की पहचान तक मुश्किल हो गयी। बाद में 2015 में मामला दर्ज होने के बाद शीना की शिनाख्त हुई और इंद्राणी और पीटर के साथ ड्राइवर को गिरफ्तार किया गया। इंद्राणी ने सीबीआइ को बताया कि शीना उससे मुंबई में फ़्लैट मांगने के साथ ब्लैकमेल कर रही थी। ऐसा नहीं होने पर राहुल के साथ संबंधों के बारे में जगजाहिर कर देगी। मामले में 50 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज किए गए।

आखिर सरकारी गवाह बन गई

बीते कई वर्षों से जेल की अंधेरी कोठरी में अपने अपराधों का हिसाब किताब कर रही इंद्राणी आखिर में सरकारी गवाह बन गई। 2006 में तत्कालीन वित्त मंत्री पी. चिदंबरम से मुलाकातों की पूरी जानकारी इंद्राणी और पीटर ने सीबीआइ व इडी को दी है। मुखर्जी दंपती ने कार्ति चिदंबरम के व्यवसाय में मदद करने की अंदरुनी सूचनाएं भी जांच एजेंसियों से साझा की हैं। हालांकि यह भी साफ किया कि वे कार्ति से कभी नहीं मिले।

इंद्राणी ने यह बताया कोर्ट को

इंद्राणी ने इसी साल 17 फरवरी को चिदंबरम से जुड़े बयान कोर्ट में दर्ज कराए थे। उसने बताया कि कार्ति ने 10 लाख डॉलर की रिश्वत मांगी थी। यह राशि देने के लिए इंद्राणी कार्ति की कंपनी में शामिल हो गई | इसके बाद फर्जी तरीके से नुकसान की भरपाई के तौर पर कार्ति की दो कंपनियों एएससीपीएल और आइएनएस मीडिया के लिए सात लाख डॉलर देने का चलान तैयार किया गया। लेकिन फरवरी-2018 में कार्ति को गिरफ्तार कर लिया गया। उसने आइएनएक्स मीडिया में 305 करोड़ रुपए का विदेशी निवेश करवा लिया, जबकि अनुमति सिर्फ 5 करोड़ रुपए थी। जांच में इसका दावा सीबीआइ की तरफ से किया गया। कार्ति ने पिता पी. चिदंबरम पर भी पद के दुरुपयोग करने के संगीन आरोप हैं।