18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

“इरफान की तो आंखें भी अभिनय करतीं हैं”

'मुझे अभी अभी ये दुख भरी खबर मिली। यह एक परेशान करने वाली और दुखद खबर है। एक अविश्वसनीय प्रतिभा। एक महान सहयोगी। सिनेमा की दुनिया के लिए एक शानदार योगदानकर्ता। हमें बहुत जल्द छोड़ कर चला गया। ' : अमिताभ बच्चन

3 min read
Google source verification
इरफान की तो आंखें भी अभिनय करतीं हैं

इरफान की तो आंखें भी अभिनय करतीं हैं

अरुण लाल
मुंबई. अपने अलग अंदाज में हर किसी को दोस्त जैसा महसूस कराने वाले इरफान के दुनिया से विदा होने के बाद बहुत-सी यादें उमड़ रहीं हैं। उनकी अदाकरी लोगों के सिर इस कदर चढ़कर बोलती थी कि हॉलीवुड अभिनेता टॉम हैंक्स ने उनकी सराहना करते हुए एक बार कहा था कि इरफान की आंखें भी अभिनय करती हैं।

मार्च 2018 से ब्रेन कैंसर से लड़ रहे इरफान ने 29 अप्रैल को आखिरी सांस ली। बुधवार को दोपहर को तीन बजे उन्हें मुंबई के वर्सोवा कब्रिस्तान में सुपुर्द ए खाक किया गया। कोरोना के चलते परिवार सहित 20 लोगों को इरफान की अंतिम यात्रा में शामिल होने की इजाजत मिली थी।

विशाल भारद्वाज और तिग्मांशु धूलिया जैसे सेलेब्रिटीज चुनिंदा लोगों में शामिल थे। सात जनवरी 1967 को राजस्थान के टोंक जिले में जन्में इरफान खान को पद्मश्री सम्मान से नवाजा जा चुका है। इरफान खान ने अपने 30 साल के फिल्मी करियर में टेलीविजन, हिंदी सिनेमा ,ब्रिटिश और अमेरिकी फिल्मों में भी अपने अभिनय का लोहा मनवाया।

फिल्मों में भी बेटे की मौत नहीं देख सकती थी मां

कहते हैं कि मां का दिल बहुत बड़ा होता है। इरफान की मां फिल्मों में भी उनकी मौत नहीं देख सकती थी। इरफान की सलामती की दुआएं मांगते हुए बीते शनिवार को उनकी मां सईदा बेगम का इंतकाल हो गया और उन्हें अपने बेटे के गुजर जाने के दुख से रूबरू नहीं होना पडा। इरफान के भाई सलमान का कहना है कि उनकी मां आखिरी सांस तक इरफान की सलामती की दुआएं मांगती रही।

दोस्तों के दोस्त थे इरफान
मकबूल, हिंदी मीडियम और अंत में अंग्रेजी मीडियम फिल्म में इरफान खान के साथ अभिनय कर चुके अभिनेता दीपक डोब्रियाल इरफान की मौत को लेकर बेहद तकलीफ में हैं।

वे भावुक होकर कहते हैं कि लगता है कि किसी से जुडऩा ही नहीं चाहिए। इरफान भाई शानदार अभिनेता थे। उनका सेंस ऑफ हूयमर भी बहुत कमाल का था। कभी-कभी किसी सीन पर हम इतना हंसते लगते थे कि एक्टिंग करना ही भूल जाते थे।

अंग्रेजी मीडियम की शूटिंग के दौरान हम बात करते थे कि हम कैसे चाइनीज मीडियम और उर्दू मीडियम में भी काम करेंगे। वे अपने आसपास के लोगों का बेहद ख्याल रखते थे। मकबूल की शूटिंग के दौरान मेरी तबियत खराब हो गयी थी। क्रू में सब अपने काम में मशरूफ थे, सभी ने मुझे यही कहा कि आराम करो।

इरफान खान अपना शॉट देने आए और मुझे ढूंढने लगे। उन्हें किसी ने कहा कि मेरी तबियत ठीक नहीं है, इसके बाद उन्होंने हर किसी को जमकर सुनाया और मुझे अस्पताल ले जाया गया। मैं अभी लॉकडाउन में उत्तराखंड में हूं। चाहकर भी आखिरी बार इरफान भाई देखने नहीं जा सकता हूं।

वे हमेशा प्रेरणा थे

अंग्रेजी मीडियम में इरफान खान की बेटी के बनीं राधिका कहतीं हैं, उन्हें लिखना बहुत कठिन है, मेरे जीवन में आने वाल सबसे मजबूत लोगों में से एक थे वे। सुतापा मैम, बाबील और अयान भी फाइटर हैं। मैं सिर्फ आभारी हूं कि हमारे रास्ते इस जिंदगी में एक हुए। वह हमेशा लोगों के लिए प्रेरणा थे और रहेंगे।

पीकू में इरफान खान के साथ काम कर चुके महानायक अमिताभ बच्चन ने कहा है, ''मुझे अभी अभी ये दुख भरी खबर मिली। यह एक परेशान करने वाली और दुखद खबर है। एक अविश्वसनीय प्रतिभा। एक महान सहयोगी। सिनेमा की दुनिया के लिए एक शानदार योगदानकर्ता। हमें बहुत जल्द छोड़ कर चला गया।

मैं सर पर कफन बांध...

नसीरूदीन शाह और दिलीप कुमार को अपना आदर्श मानने वाले इरफान खान के लिए इंडस्ट्री का रास्ता बहुत मुश्किल था। वर वे अनवरत मेहतन के बल पर अपनी जगह बना सके।

अपने संघर्षों पर बात करते हुए इरफान ने एक बार कहा था कि मैं सर पर कफन बांधकर आया था। निराशा को खुद पर हावी होने नहीं दिया। मेहनत करता रहा और धीरे धीरे चीजें ठीक होती चली गयी।

इरफान जब फिल्मी दुनिया में आए तो दौर अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी और अजय देवगन था। उनकी फिल्मों में दो से तीन मिनट के साइड रोल के लिए भी बहुत जद्दोजहद करनी पड़ती थी।

एक बार इरफान ने कहा कि कभी कभी खुुद पर शक होता था कि क्या वाकई मैं अभिनय के लिए बना हूं। मैं मिथुन चक्रवर्ती की पुरानी फिल्मों को देखते हुए उनके लुक से अपना लुक मिलाता था और उनके डायलॉग दोहराता था।