
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) पर 25 साल बाद ठाकरे परिवार का नियंत्रण खत्म हो गया है, लेकिन इसके बावजूद ठाकरे चचेरे भाइयों ने साफ कर दिया है कि मराठी पहचान की राजनीति जारी रहेगी। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने पार्टी के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर बालासाहेब ठाकरे की तस्वीर साझा करते हुए लिखा, “यह लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है।”
BMC चुनाव में भाजपा और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने जीत दर्ज करते हुए सत्ता पर कब्जा कर लिया। यह वही चुनाव था, जहां उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने पिछले साल एकजुट होकर महायुति को चुनौती दी थी।
मराठी अस्मिता के मुद्दे को केंद्र में रखकर चुनावी मैदान में उतरे ठाकरे भाइयों को इस बार झटका जरूर लगा, लेकिन उन्होंने हार मानने से इनकार कर दिया। उद्धव ठाकरे की पार्टी को BMC की 227 में से 65 सीटें मिलीं। पार्टी ने कहा, “मराठियों को उनका हक और सम्मान मिलने तक यह संघर्ष ऐसे ही चलता रहेगा।”
वहीं महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे ने हार के बावजूद आक्रामक तेवर दिखाए। उन्होंने कहा कि इस नतीजे से वह हतोत्साहित नहीं होंगे। राज ठाकरे ने कहा कि अगर मराठी लोगों के खिलाफ कुछ भी होता है तो हमारे नगरसेवक सत्ता में बैठे लोगों को घुटनों पर लाने से पीछे नहीं हटेंगे।
बता दें कि MNS को BMC चुनाव में सिर्फ 6 सीटें मिलीं, लेकिन राज ठाकरे ने दो टूक कहा कि उनकी लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि हमारी लड़ाई मराठी लोगों के लिए, मराठी भाषा के लिए, मराठी पहचान के लिए और समृद्ध महाराष्ट्र के लिए है। यही संघर्ष हमारा अस्तित्व है। ऐसी लड़ाइयां लंबी चलती हैं।
राज ठाकरे ने महायुति सरकार पर मराठियों के उत्पीड़न और शोषण का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा, “MMR से लेकर पूरे महाराष्ट्र में सत्ता में बैठे लोग और उनके समर्थक मराठियों को परेशान करने का कोई मौका नहीं छोड़ते। इसलिए हमें अपने मराठी लोगों के साथ मजबूती से खड़ा रहना होगा। चुनाव आते-जाते रहेंगे, लेकिन यह नहीं भूलना चाहिए कि हमारी सांस भी मराठी है।”
Published on:
17 Jan 2026 09:50 pm

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