
karma सत्ता ही सुख-दुख का जनक है
ठाणे. पुष्कर कुल कमल दिवाकर राष्ट्र संत दक्षिण सम्राट घोर तपस्वी नरेश मुनि व जिनशासन मुनि शालीभद्र मुनि और जिनशासन प्रभाविका दक्षिण सिंहनी डॉ. दर्शन प्रभा आदि 4 ने अपने मुखारबिंद से आये हुए भक्तों को कथा सुनाकर मंत्र मुग्ध कर दिया। नरेश मुनि ने कहा कि संसार में जीतनी विविधता विचित्रता है उसका मुख्य कारण है कर्मों के फल। कर्म की सत्ता बड़ी बलवान है और कर्म सत्ता ही सुख-दुख का जनक है। मनुष्य अपने जीवन में कर्म करते समय सोचता नहीं लेकिन कर्म के फल और कर्म के परिणाम आने पर विचलित हो जाता है। रोता है दु:खी होता है। मुनि ने कहा कि कोई भी व्यक्ति आज बुरा करता हुआ सुख भोग रहा है तो उसका मुख्य कारण है कि उसके पूर्व जन्मों के किये हुए पुण्य के कारण है और आज कोई दु:खी है तो उसका मूल कारण उसके पूर्व जन्म के संचित सही नहीं थे। मुनि शालीभद्र ने प्रवचन में आये हुए भक्तों को अपने मुखारबिंद से कर्म बंधन की प्रक्रिया कर्म के परिणामों का विवेचन कर्म के छूटने के हेतु आदि की सविस्तार इस प्रसंग पर चर्चा की। मुनि शालीभद्र ने कहा कि मनुष्य की इच्छाएं आकाश के समान असीम है और मनुष्य आकांक्षाओं के दल-दल में फंस कर बुरी तरह से अशांति ग्रस्त है। उन्होंने बताया कि सुविधा कभी सुख नहीं देती है, पैसा कभी सुकून नहीं दे सकता है। जीवन की शांति परिग्रह त्याग और इच्छाओं के निग्रह में नहीं होता है। इसी के साथ मुनि ने अपने शब्दों को विराम दिया। णमो अरिहंताणं,णमो सिद्धाणं।महामंत्र से सभागृह गुज उठा। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में अखिलेश हिंगड़ ,हकमी चंद, शिवलाल,डालचंद, सुशील, अनिल,मांगीलाल, मुकेश पीपाड़ा,गणेश वडाला,हेमलता बेन,कुसुमलता,रानी रांका, सावित्री,संचेती,कल्पना रांका आदि उपस्थित रहे।
गच्छाधिपति दर्शनसागर सूरीश्वर वाचनालय नामकरण समारोह
मीरा भायंदर. भायंदर पश्चिम के फ्लाईओवर ब्रिज के नीचे गच्छाधिपति दर्शनसागर सूरीश्वर वाचनालय का नामकरण समारोह संपन्न हुआ। विधायक नरेंद्र मेहता ने कहा कि उन्हें आज गर्व हो रहा है कि गुरुदेव के नाम पर आज वाचनालय का नामकरण किया गया। इस वाचनालय का निर्माण करवाने वाले जनप्रतिनिधियों का सम्मान किया गया। इस अवसर पर जैन समाज से जुड़े समाजबंधु बड़ी संख्या में उपस्थित रहे, जिसमें मनपा महापौर डिंपल मेहता ,नगरसेवक सुरेश खंडेलवाल ,डॉ सुशील अग्रवाल, नगरसेविका वैशाली कवि सहित अन्य गणमान्य उपस्तिथ रहे। इस नामकरण समारोह का आयोजन शंखेश्वर शंण गार श्वेतांबर मू पू तपा जैन संघ संचालित जैनम ग्रुप भायंदर ने किया था।
बारिश शुरू होते ही अखंड पाठ भोग साहेब संपन्न
उल्हासनगर. कैम्प तीन सेक्शन 17 में स्थित धन गुरु नानक दरबार में बारिश होने के लिए तीन दिवसीय अखंड पाठ का आयोजन किया गया जिसका भोग लगाकर संगत में लंगर प्रसादी वितरित की गयी। डेरा संत बाबा थाहरिया सिंह धन गुरु नानक दरबार के संत भाई साहबजसकीरत और त्रिलोचन सिंह ने संगत के समक्ष कहा कि गुरु नानक देव साहेब हमेशा अपने भक्तों की लाज रखते है और उनके दु:ख दूर करते हैं। इस बार हमने समस्त देशवासियों विशेषकर किसानों के लिए अरदास की और गुरु ने हमारे मन की मुराद पूरी की। उल्हासनगर, अंबरनाथ और बदलापुर सहित राज्य में विभिन्न क्षेत्रों में अच्छी बरसात हुई। इसलिए अखंड पाठ साहेब का भोग किया गया। उन्होंने गुरु का शुकराना मानते हुए गुरु का लंगर प्रसादी वितरित करवाया।
Published on:
29 Jun 2019 03:51 pm
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