27 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Maha News: जेएनयू के बाद मुंबई यूनिवर्सिटी के कुलपति कैसे आए निशाने पर

केन्द्र में विपक्ष की पार्टियां कांग्रेस( congress) और एनसीपी (NCP)ने जेएनयू (JNU) हमले के लिए आरएसएस (RSS)विचारधारा से जुड़े कुलपति(Vice chancellar) का हाथ होने का आरोप लगाया है। इसके साथ ही कई संस्थानों के उच्च पदों पर बैठे आरएसएस विचारधारा के लोगों के खिलाफ करवाई की मांग शुरू कर दी है। इन्हें हटाने की मांग जोर पकडऩे लगी है। कांग्रेस के कुछ नेता गुरुवार को इसी मामले में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे(CM Uddhav Thakare) से मुलाकात करेंगे।

2 min read
Google source verification
Maha News: जेएनयू के बाद मुंबई यूनिवर्सिटी के कुलपति कैसे आएं निशाने पर

Maha News: जेएनयू के बाद मुंबई यूनिवर्सिटी के कुलपति कैसे आएं निशाने पर

मुंबई. जेएनयू में छात्रों पर हुए हमले मामले को लेकर आरएसएस और अनुषंगिक संगठनों पर कांग्रेस और अन्य पार्टियों के हमले तेज हो गए हैं। केन्द्र में विपक्ष की पार्टियां कांग्रेस और एनसीपी ने जेएनयू हमले के लिए आरएसएस विचारधारा से जुड़े कुलपति का हाथ होने का आरोप लगाया है। इसके साथ ही कई संस्थानों के उच्च पदों पर बैठे आरएसएस विचारधारा के लोगों के खिलाफ करवाई की मांग शुरू कर दी है। इन्हें हटाने की मांग जोर पकडऩे लगी है। कांग्रेस के कुछ नेता गुरुवार को इसी मामले में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से मुलाकात करेंगे।

कुलपति मुख्य रूप से जिम्मेदार
इन नेताओं का आरोप है कि जेएनयू में छात्रों पर हुए हमले के लिए वहां बैठे संघ विचारधारा के कुलपति मुख्य रूप से जिम्मेदार हैं। महाराष्ट्र में भी विश्वविद्यालय सहित ऐसे कई संस्थान हैं, जहां उच्च पदों पर आरएसएस विचारधारा से जुड़े लोग काबिज हैं। इन्हें शीघ्र ही हटाया जाना चाहिए। नेताओं ने कहा कि महाराष्ट्र में भी जेएनयू जैसी घटनाएं नहीं हो, इसके लिए जरूरी है कि सरकार समय रहते इन्हें पदों से हटा दें।


कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आशीष देशमुख के नेतृत्व में एक शिष्टमंडल इस मामले को लेकर राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से मुलाकात करेगा। देशमुख ने कहा कि जेएनयू में संघ से जुड़ी छात्र इकाई एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने हमला किया है। ऐसे छात्रों को कुलपति प्रोत्साहित करते हैं। इन्हें रोकने के लिए इन कुलपतियों को हटाया जाना जरूरी है। देशमुख ने आरोप लगाया कि देश के कई शिक्षा संस्थानों के बड़े पदों पर पिछली सरकार ने जान-बूझकर संघ विचारधारा के लोगों की बड़ी संख्या में नियुक्ति की थी। इसकी वजह से छात्रों में द्वेष की भावना पनपी है। स्कूल से लेकर कॉलेज प्रशासन समेत विभिन्न संस्थानों में अब बदलाव की आवश्यकता है

इसके साथ ही कई संस्थानों के उच्च पदों पर बैठे आरएसएस विचारधारा के लोगों के खिलाफ करवाई की मांग शुरू कर दी है। इन्हें हटाने की मांग जोर पकडऩे लगी है। कांग्रेस के कुछ नेता गुरुवार को इसी मामले में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से मुलाकात करेंगे।