
Maha News: आदिवासियों के शौचालय की रकम भी खा गए , गजब ये नेता और अधिकारी
भिवंडी. भिवंडी तालुका के Patrika .com/mumbai-news/maha-politics-polite-shivsena-will-5290679/" target="_blank">आदिवासी गांव के नांदा कातकरी पाडा के पांच आदिवासियों ने एक हलफनामा देकर शौचालय के लिए मिलने वाले अनुदान धनराशि को हड़पने का आरोप लगाते हुए भिवंडी के खंड विकास अधिकारी से न्याय की मांग करते हुए आंदोलन करने की धमकी दी है।
खुले में शौच से मुक्ति योजना के तहत ग्रामीण भागों में सरकार 12 हजार रूपए का अनुदान देकर शौचालय बनाने के लिए ग्रामीणों को प्रेरित कर रही है। लेकिन आदिवासी इलाकों के आदिवासी लोगों की अज्ञानता का फायदा उठाते हुए जनप्रतिनिधि और प्रशासन की मिली भगत से शौचालय के लिए मिलने वाले अनुदान में हेरा-फेरी के जरिए अनुदान धनराशि हड़पने का मामला प्रकाश में आया है। भिवंडी तालुका के इस योजना के लिए ग्रुप ग्राम पंचायत लाखीवली के तहत आने वाले लाखीवली, पारीवली और धामणे इन 3 गांव में करीब 16 आदिवासी पाड़ा हैं।
नांदा कातिकरी पाड़ा में 20 से 25 घरों की आदिवासी बस्ती है। इनमें 5 आदिवासी परिवार को शौचालय का लाभार्थी दिखाकर प्रत्येक के खाते में 12 हजार रूपए जमा किया गया था। लेकिन दीपावली के समय दीपावली ऑफर के नाम पर उन्हें बैंक ले जाकर उनके खाते से 12-12 हजार रूपए निकालकर उन्हें केवल दो-दो हजार रूपए ही दिया गया।
बाकी 10 हजार के हिसाब से 50 हजार रूपए सरपंच विनोद केशव भगली, ग्रामसेवक बीबी जाधव और पंचायत कर्मचारी अतिश पाटील ने हड़प लिए। जिसके बाद शौचालय के लाभार्थी दिलीप नवसू वाघे, सुनील रामश्या पवार, संजू गौरया वड, भीमा गणपत वाघे और भगवान सुकरया वड ने हलफिया बयान देकर शौचालय निधि में हेरा फेरी का आरोप लगाया है। सूत्रों का दावा है कि सिर्फ शौचालय में ही नहीं इसी तरह बेघर लोगों को भी घरकुल योजना के तहत मंजूर 45 हजार रूपए में से भी 10-10 हजार रूपए पंचायत प्रशासन द्वारा पार करने की खबर है।
Published on:
02 Jan 2020 09:07 pm

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