महाराष्ट्र ( maharashtra) में किसी भी मजदूर को कोरोना होने पर कंपनी के उसके मालिक के खिलाफ को कोई करवाई नही होगी।राज्य में पिछले कुछ दिनों से एक पत्र की कॉपी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है जिसमे लिखा है कि मजदूर को कोरोना होने पर मालिक को जिम्मेदार मानकर आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा ।
मुंबई। महाराष्ट्र में किसी भी कारखाने व कंपनी के मजदूर को कोरोना होने पर उसके मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज होगा ,ऐसा कोई निर्देश राज्य सरकार ने जारी नही किया है । यह मात्र अफवाह है । यह स्पष्टीकरण बुधवार को राज्य सरकार की ओर से जारी किया गया । सरकार ने स्पष्ट किया है कि महाराष्ट्र में किसी भी मजदूर को कोरोना होने पर कंपनी के उसके मालिक के खिलाफ को कोई करवाई नही होगी।
राज्य में पिछले कुछ दिनों से एक पत्र की कॉपी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है जिसमे लिखा है कि मजदूर को कोरोना होने पर मालिक को जिम्मेदार मानकर आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा ।
सरकार ने पत्र निकाल कर इसे अफवाह बताया है ।महाराष्ट्र ऐसे अफवाह में कोई कंपनी मालिक ना फंसे, राज्य में ऐसा कोई नियम नहीं है। किसी कंपनी मालिक का इससे कोई लेना-देना नहीं होगा।
कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल पत्र में कहीं एक बैठक का जिक्र दिखाई दे रहा है। लेकिन यह राज्य सरकार की तरफ से नहीं है। अब तक इस मामले में राज्य में किसी भी प्रकार की कोई बैठक नहीं आयोजित की गई है।
सरकार ने इस संदर्भ में सफाई देते हुए कहा कि कंपनी के किसी कर्मचारी को कोरोना हो जाने के बाद मालिक को चिंतित होने की आवश्यकता नही है ।
बता दे राज्य में कोरोना महामारी के संकट में जारी लॉक डाउन के चलते उद्योग पूरा ठंडा पड़ा हुआ है। सोमवार से सरकार ने राज्य में कई जिलों में जहां कोरोना का प्रसार- प्रभाव नहीं है। वहां उद्योग को गति देने का प्रयास किया है। सरकार के प्रयास के बाद ही राज में अर्थचक्र का पहिया धीरे-धीरे खिसक रहा है। ऐसे में इस तरह की अफवाह आने के बाद कंपनी मालिकों में भय का माहौल बनना स्वाभाविक है । यही वजह हैं कि सरकार ने तत्परता दिखाई है।