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maha politics: नरम हुई शिवसेना, महाराष्ट्र की कुंडली बनाएगी

नरम हुई शिवसेना (shivasena), महायुती में होगी शामिल कांग्रेस -एनसीपी के प्रस्ताव को ठुकराते हुए कहा भाजपा (bjp) -शिवसेना में आज भी सम्बन्ध अच्छे महाराष्ट्र की कुंडली शिवसेना ही बनाएगी , किसे कहाँ रखना हैं यह शिवसेना ही तय करेगी . शांति प्रिय तरीके तथा शांत मन से राज्य हित में कुछ निर्णय लेना पड़ता है

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maha politics: नरम हुई शिवसेना, महाराष्ट्र की कुंडली बनाएगी

maha politics: नरम हुई शिवसेना, महाराष्ट्र की कुंडली बनाएगी

मुंबई . मुख्यमंत्री पद और विभागों के बंटवारे को लेकर भाजपा शिवसेना की लड़ाई में शिवसेना के रुख में नरमी आई है . सरकार बनने के लिए कांग्रेस -एनसीपी के समर्थन के प्रस्ताव को ठुकराते हुए शिवसेना ने स्पष्ट किया कि राज्य के हित और विकास के लिए महायुती कि सरकार जरुरी है .लेकिन वही भाजपा पर कटाक्ष भी किया कहा कि महाराष्ट्र की कुंडली शिवसेना ही बनाएगी . किसे कहाँ रखना हैं यह शिवसेना ही तय करेगी . शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत ने यह बयान दिया हैं . शिवसेना के रुख को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में राउत ने कहा कि शांति प्रिय तरीके तथा शांत मन से राज्य हित में कुछ निर्णय लेना पड़ता है . उद्धव ठाकरे इसके लिए सक्षम हैं . सब कुछ तय हुए शर्तों केअनुसार ही होगा तो बेहतर हैं .
राउत ने मुख्यमंत्री पद के दावेदार देवेन्द्र फडनवीस को शुभेक्षा देते हुए कहा कि राज्य के हित और विकास के लिए महायुती जरुरी है . शिवसेना भी युति में रहना चाहती है ..लेकिन इसपर अंतिम निर्णय शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे लेंगे . उद्धव का आदेश का शिवसैनिक पालन करेंगे . मिडिया को दिए बयां में राउत ने कहा कि शिवसेना को समर्थन के लिए कांग्रेस -एनसीपी की बनते राजनीती है , यह समझा जा सकता है .आज भी भाजपा शिवसेना के बीच सम्बन्ध कायम हैं . हाँ हमारी बातें उन शर्तों पर हो रही है जो भाजपा ने लोकसभा चुनाव के समय स्वीकार किया था .हमें विश्वास हैं कि जो भी बातें तय हुई थी उसे पूरा करेंगे .

शिवसेना विधायक तोड़ने की बात करने वाले पूड़ी छोड़ रहे हैं और हम उनकी पूड़ी को बांध रहे हैं
राउत ने कहा कि शिवसेना विधायक को तोड़ने की बात करने वाले कुछ नहीं कर सकते हैं , मिडिया के माध्यम से सिर्फ पूड़ी छोड़ रहें हैं . और हम तो उस पूड़ी को बांधने का काम कर रहे हैं . इस समय राज्य के विधानसभा चुनाव में जीत कर आने वाला एक भी विधायक अपना दल बदलने को तैयार नहीं है .

राज्य के कई विषय है उसे सुलझाने कि आवश्यकता हैं .उसके लिए भाजपा -शिवसेना को एक साथ आने कि आवश्यकता हैं . बाकि सभी सवालों का जवाब उचित समय पर मिलेगा .

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