
Sanjay Raut
पात्रा चॉल घोटाला मामले में ईडी द्वारा गिरफ्तार किए गए शिवसेना सांसद संजय राउत आखिरकार 102 दिन बाद जेल से रिहा हो गए हैं। संजय राउत आज शाम सात बजे जेल से बाहर आ गए। बॉम्बे हाईकोर्ट ने पत्रा चॉल घोटाला मामले में उन्हें मिली जमानत पर रोक लगाने की प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की मांग ठुकरा दी। इसके बाद सांसद राउत के वकील ने उनके रिलीज ऑर्डर को मुंबई आर्थर रोड जेल तक पहुंचाया। शाम पांच बजे जेल अथॉ़रिटी ने रिलीज ऑर्डर की कॉपी देखने के बाद रिहाई से जुड़ा प्रोसेस पूरा किया। इसके बाद शाम पौने सात बजे तक संजय राउत जेल से बाहर आ गए। यह जानकारी संजय राउत के वकील नितिन भोइर ने दी हैं।
जेल से बाहर निकलते समय संजय राउत भगवा मफलर गले में डाले हुए थे। उन्होंने हाथ उठा कर जेल से बाहर भारी तादाद में मौजूद उद्धव ठाकरे गुट के कार्यकर्ताओं का धन्यवाद किया। इसके बाद वे सफेद रंग की मर्सिडीज कार से निकल गए। कार उनके भाई सुनील राउत चला रहे हैं। उद्धव ठाकरे गुट के कार्यकर्ताओं की सड़कों पर भारी तादाद में भारी भीड़ नजर आई। राउत मफलर हिलाकर उनका अभिवादन कर रहे थे। यह भी पढ़े: Pune News: मरने के बाद भी दो लोगों ने बचाई तीन शख्स की जान, पहली बार प्लेन से फेफड़ा पहुंचा चेन्नई
बता दें कि इसके बाद सांसद संजय राउत ने मीडिया से संवाद करते हुए कहा कि ‘मुझे आनंद है। कोर्ट पर विश्वास और बढ़ गया है। कोर्ट का वही ऑब्जर्वेशन है, जो मैं कहा करता था। लड़ाई शुरू रहेगी। इसके बाद मराठी चैनल के इस सवाल का कि क्या आपकी आवाज दबाने की कोशिश की गई? इस पर संजय राउत ने कहा कि बोलूंगा। तबीयत थोड़ी ठीक नहीं है। थोड़ा बेहतर महसूस करूंगा तो विस्तार से जरूर बात करूंगा। सड़क किनारे कार्यकर्ताओं की उमड़ी भीड़ और आतिशबाजियों को देखकर संजय राउत ने मीडिया से कहा कि यह शिवसेना है बालासाहेब ठाकरे की। यह बालासाहेब ठाकरे के शिवसैनिक हैं।
कार्यकर्ताओं ने निकाली बाइक रैली: बता दें कि जेल से रिहा होने के बाद जश्न मनाते हुए उद्धव ठाकरे गुट के कार्यकर्ताओं ने आर्थर रोड जेल से बाहर और जेल के आसपास के लोअर परेल इलाके में जमकर आतिशबाजी कीं। ढोल-नगाड़े के साथ बड़ी तादाद में जेल से बाहर उद्धव गुट के कार्यकर्ता पहुंचे और जश्न मनाया।
कोर्ट ने ईडी को लगाई फटकार: आज मुंबई सेशंस कोर्ट के तहत स्पेशल पीएमएलए कोर्ट ने पत्राचॉल घोटाला के मामले में संजय राउत की जमानत को मंजूर दे दी। ईडी ने इसका विरोध करते हुए फैसले पर रोक लगाने की मांग की। सेशंस कोर्ट ने जमानत पर रोक लगाने से मना कर दिया। इसके बाद ईडी ने बॉम्बे हाईकोर्ट का रूख किया। बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि मुंबई सेशंस कोर्ट को इस मामले में सुनवाई करने में एक महीने से अधिक समय लगा। वे एक दिन में फैसला कैसे कर सकते हैं।
Published on:
09 Nov 2022 08:33 pm
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