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Maharashtra: महाराष्ट्र के अमरावती में हैजा से 5 लोगों की हुई मौत, 181 लोगों की हालत नाजुक; जानें कितनी खतरनाक है बीमारी

महाराष्ट्र के अमरावती जिले में जुलाई से हैजा का प्रकोप बढ़ गया है। अमरावती में हैजा के अब तक 181 मामले सामने आए है और उनमें से 5 ने दम तोड़ दिया है। मरने वालों में दो महिलाएं और तीन पुरुष हैं। इस गंभीर बीमारी का प्रकोप पूरे जिले में फैला हुआ है।

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Cholera Outbreak

महाराष्ट्र के कई जिलों में बारिश का कहर जारी है। लोगों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। इन सब के बीच महाराष्ट्र के अमरावती जिले में 7 जुलाई से हैजा का प्रकोप बढ़ गया है। अमरावती में हैजा के अब तक 181 मामले सामने आए है और उनमें से 5 ने दम तोड़ दिया है। मरने वालों में दो महिलाएं और तीन पुरुष हैं। इनमें से तीन मरीज 24 से 40 साल की उम्र के थे और दो की उम्र 70 साल से ज्यादा थी। हैजा के ये मामले चिखलदरा ब्लॉक के तीन गांवों (डोंगरी, कोयलरी और घाना) और अमरावती ब्लॉक के एक गांव (नया अकोला) में पाए गए है।

इन गावों में चिकित्सा विभाग 24 घंटे मौजूद है और वहां के पानी की गुणवत्ता की निगरानी, रोगी निगरानी, प्रबंधन और उपचार और स्वास्थ्य जागरूकता के मामले में रोकथाम और नियंत्रण में प्रयासरत है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, बारिश के कारण महाराष्ट्र में युद्ध स्तर पर महामारी को लेकर निगरानी की जा रही है। हैजे की शुरुआत जिले के अमरावती तहसील के चिखलदारा से सात जुलाई को हुई। यह भी पढ़ें: Maharashtra Politics: MVA में पड़ी दरार? शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के इस फैसले के बाद कांग्रेस के बदले सुर

स्वास्थ्य विभाग ने कहा प्रभावित इलाकों में मेडिकल टीम 24 घंटे लगातार काम कर रही हैं। बीमारी को नियंत्रित करने, पानी की गुणवत्ता की निगरानी करने, मरीजों की निगरानी, प्रबंधन और इलाज, स्वास्थ्य संबंधी जागरुकता आदि का काम किया जा रहा है। हैजा फैलने के कारण की जांच करने और दिशा-निर्देश देने के लिए राज्य स्तरीय एक दल मौके पर मौजूद है।

हैजा के लक्षण: हैजा जैसी खतरनाक बीमारी सबसे ज्यादा वहां होती है जहां स्वच्छता पर ध्यान नहीं दिया जाता है। यह भीड़भाड़, अकाल और बाढ़ के क्षेत्रों में महामारी के रूप में फैल सकता है। 80 प्रतिशत मरीजों में हैजा के कोई लक्षण दिखाई नहीं देते हैं और कई मामलों में यह बीमारी अपने आप ठीक हो जाती है। इसके बावजूद मरीज जीवाणु फैला सकता है। शेष 20 प्रतिशत लोगों को तेज दस्त, उल्टी और पैर में ऐंठन की समस्या हो सकती है। अन्य लक्षणों में हृदय गति बढ़ना, ज्यादा प्यास लगना, ब्लड प्रेशर कम होना, त्वचा का लचीलापन कम होना आदि शामिल है।

कितनी खतरनाक है बीमारी: हैजा का इलाज जल्द से जल्द शुरू होना चाहिए, क्योंकि इस बीमारी के कारण मरीज की घंटों में मौत हो सकती है। उपचार का लक्ष्य उल्टी और दस्त के कारण हुई पानी की कमी और शारीरिक लवण के नुकसान की पूर्ति करना है। इसके लिए रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन जैसे ओआरएस का इस्तेमाल किया जाता है। इंट्रावीनस फ्लूइड्स यानी तरल पदार्थों को नसों के जरिए शरीर में पहुंचाने की प्रक्रिया अपनाई जाती है।

हैजा के प्रकोप के मद्देनजर महाराष्ट्र सरकार सतर्क: बुधवार को महाराष्ट्र लोक स्वास्थ्य विभाग ने राज्य भर में अलर्ट जारी कर जिला प्रशासन से भारी बारिश और बाढ़ के मद्देनजर संचारी रोगों पर अंकुश लगाने के लिए पर्याप्त कदम उठाने का आदेश दिया है। अपर मुख्य सचिव (लोक स्वास्थ्य) प्रदीप व्यास ने प्रकोप की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की और अमरावती जिला प्रशासन के जिला कलेक्टर और मुख्य कार्यकारी अधिकारी को प्रकोप नियंत्रण के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।