
शिवसेना बनाएगी अपना मुख्यमंत्री या महाराष्ट्र में बनेगी भाजपा की सरकार
मुंबई. विधानसभा चुनाव नतीजों की घोषणा के 12 दिन बाद भी महाराष्ट्र में नई सरकार के गठन को लेकर सस्पेंस खत्म नहीं हुआ है। भाजपा के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ी शिवसेना अभी भी मुख्यमंत्री की मांग पर अड़ी है। भाजपा मुख्यमंत्री की कुर्सी छोडऩे के लिए तैयार नहीं है। शिवसेना अपनी सरकार बनाने के लिए कांग्रेस-राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के साथ खिचड़ी पका रही है। राज्य में नई सरकार के गठन के लिए दिल्ली दरबार में बिसात बिछ चुकी है। इस मुद्दे पर एनसीपी मुखिया शरद पवार सोमवार को कांग्रेस आलाकमान सोनिया गांधी से मुलाकात करेंगे, जिस पर सभी की निगाहें टिकी हैं। कांग्रेस-एनसीपी यदि शिवसेना के समर्थन का फैसला करती हैं तो बाजी भाजपा के हाथ से फिसल सकती है।
शिवसेना को समर्थन देने के मामले में कांग्रेस दो फाड़ है। शनिवार तक एनसीपी भी विपक्ष में बैठने की बात कर रही थी, लेकिन रविवार को उसके सुर बदल गए। वरिष्ठ एनसीपी नेता अजीत पवार ने कहा कि शिवसेना के प्रस्ताव पर हम विचार करेंगे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बालासाहेब थोरात के नेतृत्व में पार्टी के वरिष्ठ नेता पहले ही कांग्रेस अध्यक्ष से मुलाकात कर चुके हैं। हालांकि अभी तक कांग्रेस आलाकमान ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं। उम्मीद की जा रही कि कांग्रेस-एनसीपी सोमवार को अहम फैसला कर सकती हैं। इसके बाद ही तय होगा कि राज्य में शिवसेना या भाजपा में से किसकी सरकार बनेगी।
7 को खत्म हो रहा कार्यकाल
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्ववाली भाजपा सरकार का कार्यकाल 7 नवंबर को पूरा हो रहा है। राज्य में इससे पहले नई सरकार का गठन जरूरी है। सरकार गठन में हो रही देरी पर मुख्यमंत्री की सांसें अटकी हुई हैं। बिन मौसम की बारिश से फसलों को हुए नुकसान का जायजा लेने अकोला पहुंचे फडणवीस ने उम्मीद जताई कि जल्दी ही राज्य में नई सरकार बनेगी। किसानों से मुलाकात के बाद औरंगाबाद में शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने भी लगभग यही बात कही। लेकिन, दोनों ही नेताओं में किसी ने यह खुलासा नहीं किया कि राज्य में किसकी सरकार बनेगी।
नहीं मान रही शिवसेना
सरकार गठन में हो रही देरी के चलते भाजपा नेताओं के माथे पर पसीने झलकने लगे हैं। शनिवार देर रात मुख्यमंत्री आवास पर भाजपा नेताओं की बैठक हुई, जिसमें मुख्यमंत्री के अलावा पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश प्रभारी सहित कई नेता शामिल हुए। सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री की कुर्सी की दावेदारी छोडऩे की एवज में शिवसेना मलाईदार विभाग चाहती है। राजस्व विभाग देने पर भाजपा सहमत है, फिर भी शिवसेना नहीं मान रही है। इसके अलावा केंद्रीय मंत्रिमंडल में शिवसेना को एक और कैबिनेट और एक राज्य मंत्री की पेशकश की जा सकती है।
175 विधायकों के समर्थन का दावा
शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत ने दावा किया है कि राज्य में सरकार बनाने के लिए पार्टी के पास 175 विधायकों का समर्थन है। 288 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए 145 विधायकों के समर्थन की जरूरत पड़ती है। राउत ने कहा कि सरकार बनाने का मौका मिलते ही शिवसेना बहुमत साबित कर देगी। राउत ने भाजपा के आगे नहीं झुकाने का ऐलान करते हुए एक शायरी ट्वीट की, जिसमें लिखा है-वसूलों पर आंच आए तो टकराना जरूरी है, जिन्दा हूं, तो जिन्दा नजर आना जरूरी है। राउत ने यह भी कहा है कि भाजपा के साथ बात अब सिर्फ मुख्यमंत्री पर होगी।
Published on:
04 Nov 2019 12:28 am

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