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महाराष्ट्र: राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी की रवानगी से विपक्षी खेमे में खुशी, जानें- किसने क्या कहां?

Maharashtra Governor Bhagat Singh Koshyari Resignation: झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस (Ramesh Bais) को महाराष्ट्र का नया राज्यपाल बनाया गया हैं। इस बीच, कोश्यारी का इस्तीफा स्वीकार होने पर महाराष्ट्र के विभिन्न दलों के नेताओं ने प्रतिक्रिया दी है।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

Feb 12, 2023

Maharashtra Governor Bhagat Singh Koshyari resignation

महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी का इस्तीफा मंजूर

Maharashtra Governor Ramesh Bais Bhagat Singh Koshyari: राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने महाराष्ट्र के राज्यपाल (Maharashtra Governor) के रूप में भगत सिंह कोश्यारी (Bhagat Singh Koshyari) का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस (Ramesh Bais) को महाराष्ट्र का नया राज्यपाल बनाया गया हैं। इस बीच, कोश्यारी का इस्तीफा स्वीकार होने पर महाराष्ट्र के विभिन्न दलों के नेताओं ने प्रतिक्रिया दी है। राज्यपाल कोश्यारी की रवानगी पर विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाडी (MVA) ने तंज कसा है।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) प्रमुख शरद पवार, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक चव्हाण (Ashok Chavan) और शिवसेना (उद्धव गुट) सांसद संजय राउत ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। बता दें कि 80 वर्षीय कोश्यारी ने 9 सितंबर 2019 को महाराष्ट्र के 22वें राज्यपाल के रूप में पदभार संभाला। तब से उनके साथ महाविकास अघाड़ी यानी एनसीपी, कांग्रेस और शिवसेना (उद्धव गुट) की अनबन चल रही है। हाल के दिनों में कोश्यारी ने कई बार अपने पद से मुक्त होने की इच्छा व्यक्त की। यह भी पढ़े-भगत सिंह कोश्यारी की जगह लेने वाले महाराष्ट्र के नए राज्यपाल रमेश बैस कौन है?


‘अच्छा निर्णय लिया गया’

रांकपा सुप्रीमों शरद पवार महाराष्ट्र के वर्धा जिले के दौरे पर हैं। उन्होंने कोश्यारी के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “मेरे हिसाब से महाराष्ट्र बच गया। अच्छा निर्णय लिया गया। यह फैसला पहले ही ले लेना चाहिए था। लेकिन अब लिया। महाराष्ट्र के इतिहास में कभी ऐसा व्यक्ति राज्यपाल नहीं बना लेकिन ऐसा हुआ। लेकिन यह अच्छी बात है कि केंद्र ने उन्हें हटाने का फैसला किया है।

पवार ने सवाल उठाते हुए कहा, “राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने संविधान विरोधी फैसले लिए थे। क्या उसकी जांच होनी चाहिए? संविधान के खिलाफ जो भी हुआ उसकी जांच कराई जानी चाहिए।”


'पद की गरिमा बनी रहनी चाहिए'

कांग्रेस के दिग्गज नेता अशोक चव्हाण ने कहा, “राज्यपाल संवैधानिक महत्व का पद होता है। इसलिए प्रत्येक राज्यपाल को बोलते समय सावधानी बरतनी चाहिए। राज्यपाल की ओर से कोई विवादित बयान नहीं किया जाना चाहिए। हालांकि कोश्यारी के कार्यकाल में कई विवादित बयान दिए गए। चव्हाण ने कहा, नए राज्यपाल से यही उम्मीद है कि वह कोई विवादित बयान नहीं दें। पद की गरिमा बरकरार रहनी चाहिए।


इंसान बुरा नहीं होता

शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के समय में ही महाराष्ट्र में वह हुआ जो कभी भी नहीं हुआ था। महाराष्ट्र की जनता, राजनीतिक दल और शिवप्रेमी संगठन राज्यपाल के खिलाफ सड़कों पर उतरे। ऐसी तस्वीर महाराष्ट्र ने कभी नहीं देखी थी। कोश्यारी ने राज्यपाल रहते हुए एमवीए सरकार को दुविधा में डालने का प्रयास किया। उन्होंने कैबिनेट की कई सिफारिशों को नाकारा।

बीजेपी पर निशाना साधते हुए राउत ने कहा, “लेकिन मैं इसके लिए राज्यपाल को दोष नहीं दूंगा, वह केंद्रीय गृह मंत्रालय के दबाव में काम कर रहे थे। इंसान बुरा नहीं होता। लेकिन जब दबाव में काम करना होता है, तो उनका भगत सिंह कोश्यारी जैसा हाल हो जाता है।“