
Majhi Ladli Bahin: महाराष्ट्र में मध्य प्रदेश की लाडली बहना योजना (Mukhyamantri Ladki Bahin Yojana) की तर्ज पर ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना’ लागू हो गई है। इस योजना के माध्यम से सरकार राज्य की गरीब महिलाओं को हर महीने वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। इसके तहत राज्य सरकार लाभार्थी महिलाओं के खाते में हर महीने 1500 रुपये भेजेगी।
राज्य सरकार ने ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना’ का लाभ अधिक से अधिक जरूरतमंद महिलाओं तक पहुंचाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। इसलिए योजना के लिए आयु सीमा 60 से बढ़ाकर 65 वर्ष कर दिया है। जिन महिलाओं की पारिवारिक आय सालाना 2.5 लाख रुपये से कम है, उन्हें 1,500 रुपये प्रति माह दिया जाएगा। अगस्त तक योजना के लिए रजिस्टर्ड होने वाली महिलाओं को 1 जुलाई से इसका लाभ मिलेगा।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बताया कि इस योजना के लिए रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 31 अगस्त कर दी गई है। अगस्त तक रजिस्ट्रेशन कराने वाली महिलाओं को भी जुलाई से भेजी गई राशि मिलेगी क्योंकि यह योजना 1 जुलाई से लागू हो गई है। डोमिसाइल सर्टिफिकेट (Domicile Certificate) की शर्तों में ढील दी गई है... इस योजना से जुड़े किसी भी सरकारी कर्मचारी को महिलाओं को योजना का लाभ देने के बदले रिश्वत लेते पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी... इस योजना में उपयोग की जाने वाली राशि राज्य बजट में जारी की जा चुकी है।
मुख्यमंत्री लाडकी बहिण योजना की घोषणा राज्य के बजट में की गई थी। इस योजना का लाभ राज्य की विवाहित, तलाकशुदा, विधवा, परित्यक्त और निराश्रित महिलाओं को मिलेगा। पहले यह योजना 21 से 60 वर्ष की उम्र की महिलाओं के लिए थी। लेकिन राज्य सरकार ने मंगलवार को घोषणा की कि आयु सीमा 60 वर्ष से बढ़ाकर 65 वर्ष कर दी गई है।
इस योजना में से इस शर्त को भी हटा दिया गया है कि जिनके पास 5 एकड़ की पारिवारिक भूमि होगी, उन्हें योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा।
यदि आवेदक के पास सालाना 2.5 लाख रुपये से कम की आय (पूरे परिवार की कुल आय) दिखाने वाला आय प्रमाणपत्र (Income Certificate) नहीं है, तो पीला या नारंगी राशन कार्ड से भी रजिस्ट्रेशन कराया जा सकेगा। इसके अलावा राज्य सरकार एक परिवार से एक पात्र अविवाहित महिला को भी योजना में शामिल करने की योजना बना रही है।
राज्य सरकार ने यह भी घोषणा की कि यदि महिला आवेदक के पास डोमिसाइल सर्टिफिकेट नहीं है, तो वह 15 साल पुराना राशन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट (एसएलसी) या जन्म प्रमाणपत्र का उपयोग कर सकती है।
इसके अलावा जिन महिलाओं का जन्म दूसरे राज्य में हुआ है और उनकी शादी राज्य के मूल निवासी पुरुष से हुई है, वे योजना के लिए रजिस्ट्रेशन करने के लिए अपने पति के डोमिसाइल सर्टिफिकेट, जन्म प्रमाणपत्र या एसएलसी का इस्तेमाल कर सकेंगी।
Updated on:
03 Jul 2024 07:54 pm
Published on:
03 Jul 2024 07:54 pm
