
CM Eknath Shinde
महाराष्ट्र में सियासी घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा हैं। महाराष्ट्र में एनसीपी, कांग्रेस और उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना के कई नेताओं का यह दावा है कि सीएम एकनाथ शिंदे के मंत्रिमंडल के दूसरे चरण का विस्तार इसलिए जल्दी नहीं किया जा रहा है क्योंकि शिंदे खेमे के सभी विधायकों को मंत्री बनाना असंभव है। जिन्हें दूसरे चरण में मंत्रीमंडल में जगह नहीं मिलेगी, वे इस बार एकनाथ शिंदे के खिलाफ बगावत करेंगे और शिंदे सरकार गिर जाएगी।
इस बीच शिंदे खेमे में बड़ी फूट पड़ने की खबर सामने आ रही है। विधायक बच्चू कड़ू और रवि राणा का विवाद अभी ठंडा भी नहीं हुआ है कि दो और विधायकों के बीच विवाद सामने आ गया है। मंत्री गुलाबराव पाटील और विधायक चिमनराव पाटील के बीच विवाद शुरू होने की खबर सामने आई है। यह भी पढ़े: Mumbai News: मुंबई में 730 करोड़ से बन रहे हैं ये शानदार ब्रिज, जल्द मिलेगा ट्रैफिक जाम से निजात
बता दें कि विधायक गुलाबराव पाटील ने इस बारे में सीएम एकनाथ शिंदे से शिकायत भी की है। मंत्री ना बनाए जाने के बाद नाखुश की शुरुआत होने की संभावनाओं को लेकर चर्चा जोरों पर चल ही रही है कि शिंदे गुट के विधायकों के बीच आपसी तनाव शिंदे सरकार के भविष्य के लिए खतरे की घंटी समझा जा रहा है।
शिंदे खेमे के विधायक चिमनराव पाटील ने मंत्री गुलाबराव पाटील की सीएम एकनाथ शिंदे से शिकायत की थी। उन्होंने कहा था कि एनसीपी के नेताओं को उनके खिलाफ फंड दिया जाता है और उनके खिलाफ उकसाया भी जाता है। इसके बाद गुलाबराव पाटील ने भी अब सीएम शिंदे को चिमनराव पाटील के खिलाफ शिकायत की है।
वहीं, दूसरी तरफ शिंदे खेमे के निर्दलीय समर्थक विधायक बच्चू कड़ू और रवि राणा के बीच भी विवाद रुकने का नाम नहीं ले रहा हैं। रवि राणा ने बच्चू कड़ू पर खोखे लेने का आरोप लगाया है। बच्चू कडू ने चुनौती दी है कि रवि राणा 1 नवंबर तक उनके खिलाफ सबूत सबके सामने लाए। बच्चू कडू ने सीएम एकनाथ शिंदे को भी चेतावनी दी है कि वे रवि राणा के खिलाफ फौरन कार्रवाई करें, वरना वे अकेले नहीं हैं, उनके साथ 7-8 विधायक और हैं। वे सब मिलकर कोई अलग राह चुनने का निर्णय ले सकते हैं।
Updated on:
27 Oct 2022 04:07 pm
Published on:
27 Oct 2022 04:06 pm
बड़ी खबरें
View Allमुंबई
महाराष्ट्र न्यूज़
ट्रेंडिंग
